
धूमा में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत बना पहला बालिका शौचालय
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धमतरी/2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत धूमा में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत पहले बालिका शौचालय का उद्घाटन किया गया। विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत बने इस शौचालय से स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी बेहतर सुविधा मिलेगी।
गुलाबी रंग से सजाए गए इस नए शौचालय के उद्घाटन कार्यक्रम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान बच्चियों ने संदेश लिखी तख्तियां लेकर स्वच्छता, सुरक्षा और बेटियों के सम्मान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
6,671 ग्रामीण स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 6 अगस्त 2026 को ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत की थी। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलाया जा रहा है।
इसके तहत प्रदेश के 6,671 ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में करीब 286.85 करोड़ रुपये की लागत से बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य छात्राओं को स्कूलों में साफ-सुथरे और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पढ़ाई के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
निर्माण कार्य की लगातार होती रही निगरानी
धूमा में बना यह बालिका शौचालय लगातार निगरानी और प्रयासों का परिणाम है। विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने कुरूद विकासखंड के दौरे के दौरान ग्राम पंचायत धूमा पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति देखी और काम में लगे श्रमिकों से मजदूरी भुगतान की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों को समय पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
गांधी जयंती के अवसर पर शौचालय का उद्घाटन होने से अभियान को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
26 जनवरी 2027 तक सभी लक्षित स्कूलों में सुविधा देने का लक्ष्य
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का उद्देश्य ग्रामीण स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे छात्राओं की गरिमा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। शासन का लक्ष्य 26 जनवरी 2027 तक अभियान के अंतर्गत निर्धारित सभी 6,671 विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण का कार्य पूरा करना है।



