
छत्तीसगढ़ के शहरी गरीबों के पक्के घर के प्रयास को मिली राष्ट्रीय पहचान
जहां कभी सुरक्षा कैंप था, अब वहीं पढ़ रहे आदिवासी बच्चे
रायपुर, 4 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पुरस्कार-2026 समारोह में सम्मान ग्रहण करने के लिए छत्तीसगढ़ को नई दिल्ली आमंत्रित किया गया है।
यह समारोह 5 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव, विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक पीएमएवाई (शहरी) श्री सुमित अग्रवाल शामिल होंगे।

गरीब परिवारों को पक्का घर देने पर जोर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
योजना के तहत पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के साथ अधूरे मकानों को पूरा कराने और उन्हें जरूरी सुविधाओं से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
आवास निर्माण की लगातार हो रही निगरानी
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा नगर निकायों के साथ मिलकर योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आवास स्वीकृति से लेकर निर्माण की प्रगति और मकान पूरा होने तक अलग-अलग स्तर पर निगरानी की जा रही है। कोशिश है कि योजना का लाभ सही पात्र परिवारों तक पहुंचे और उन्हें समय पर अपना पक्का घर मिल सके।
सिर्फ मकान नहीं, परिवारों को सुरक्षित भविष्य

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है। पक्का घर मिलने से गरीब परिवारों को सुरक्षित रहने की जगह, सम्मान और बेहतर जीवन मिलता है।
अपने घर में बच्चों की पढ़ाई और परिवार के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर माहौल बनता है। यही वजह है कि आवास योजना को जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव लाने वाली महत्वपूर्ण योजना के रूप में देखा जा रहा है।
5 अक्टूबर को नई दिल्ली में समारोह
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएम आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 समारोह में छत्तीसगढ़ की सहभागिता राज्य में किए जा रहे आवास कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी देगी।
छत्तीसगढ़ को मिला यह निमंत्रण योजना के जमीनी क्रियान्वयन में जुड़े नगर निकायों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और हितग्राहियों के सामूहिक प्रयासों की पहचान के रूप में सामने आया है।
शहरी गरीब परिवारों के लिए पक्के घर की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने में मदद मिलेगी।



