
जर्जर आंगनबाड़ी से बदली तस्वीर, अब सुरक्षित माहौल में सीख रहे गांव के बच्चे
जांजगीर-चांपा, 21 सितंबर 2026। गांव के बच्चों के लिए अच्छी आंगनबाड़ी सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि उनके सीखने, खेलने और स्वस्थ रहने की पहली जगह होती है। नवागढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सरखों में बनी नई आंगनबाड़ी इस बदलाव की एक अच्छी मिसाल बनकर सामने आई है।
कुछ समय पहले तक यहां आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर भवन और सीमित सुविधाओं के बीच चल रहा था। ऐसे में बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने को लेकर अभिभावकों को भी चिंता रहती थी। अब नई सुविधाओं के साथ केंद्र की तस्वीर बदल गई है। बच्चों के लिए यहां बैठने, खेलने और सीखने की बेहतर व्यवस्था की गई है।
11.69 लाख रुपये से हुआ विकास
सरखों के आंगनबाड़ी केंद्र का विकास अलग-अलग योजनाओं की राशि को मिलाकर किया गया है। इसके लिए विकसित भारत जी राम जी योजना से 8 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास विभाग से 2 लाख रुपये और 15वें वित्त से 1 लाख 69 हजार रुपये का उपयोग किया गया। कुल 11 लाख 69 हजार रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन और जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाया गया।
अब केंद्र में बच्चों को नियमित पोषण आहार के साथ प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। खेल आधारित गतिविधियों के जरिए बच्चों को सीखने का अवसर मिल रहा है। स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर भी बच्चों को जानकारी दी जाती है।
बच्चों के लिए बना खेल और सीखने का बेहतर स्थान
नई सुविधाओं के साथ आंगनबाड़ी परिसर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। परिसर में पौधे लगाए गए हैं और बच्चे भी उनकी देखभाल में रुचि ले रहे हैं।
इससे आंगनबाड़ी अब सिर्फ पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों के लिए खेलने, सीखने और प्रकृति से जुड़ने की जगह भी बन गई है।
राजेश्वरी बरेठ ने बताया बदलाव
आंगनबाड़ी में दर्ज बच्ची माही बरेठ की मां राजेश्वरी बरेठ बताती हैं कि पहले और अब की आंगनबाड़ी में काफी अंतर है। पहले भवन की हालत खराब थी, लेकिन नया भवन और सुविधाएं मिलने के बाद बच्चों को भी यहां आना अच्छा लगता है।
उन्होंने कहा कि अब बच्चों को आंगनबाड़ी भेजते समय पहले की तुलना में ज्यादा भरोसा महसूस होता है। बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्था होने से अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंजनी राठौर और सहायिका संगीता साहू बच्चों को नियमित पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा, खेल-कूद और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी जानकारी दे रही हैं।
सरखों की यह आंगनबाड़ी बताती है कि योजनाओं का सही तरीके से जमीन पर क्रियान्वयन हो तो उसका सीधा फायदा गांव के बच्चों और परिवारों तक पहुंचता है।



