
कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026: अनुदान वितरण होगा पारदर्शी, धान खरीदी पोर्टल और एग्रीस्टैक होंगे एकीकृत
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रायपुर, 6 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के क्रियान्वयन की तैयारियां तेज कर दी हैं। योजना के तहत किसानों को मिलने वाली आदान सहायता (अनुदान) राशि वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और त्रुटिरहित बनाने के निर्देश मुख्य सचिव विकासशील ने दिए हैं।
मंत्रालय महानदी भवन में शुक्रवार को मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें योजना की पात्रता, अनुदान वितरण प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के डिजिटल डेटाबेस को एकीकृत करने पर चर्चा हुई।
धान खरीदी पोर्टल और एग्रीस्टैक होंगे एकीकृत
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि विभाग के पोर्टल, धान खरीदी डेटाबेस, एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे की जानकारी को आपस में जोड़ा जाए। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज और जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डिजिटल व्यवस्था के तहत किसान आईडी, फार्म आईडी, गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का उपयोग कर किसानों की कुल भूमि और फसल के रकबे की जानकारी का बेहतर मिलान किया जाएगा। किसानों को अपनी विशिष्ट फार्म आईडी की पुष्टि करने और योजना के लिए आवेदन करने की सरल सुविधा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए ये शर्तें जरूरी
कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं।
– किसानों का एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य होगा।
– डिजिटल क्रॉप सर्वे में संबंधित भूमि पर धान की फसल दर्ज होना जरूरी होगा।
– धान खरीदी प्रक्रिया में कम से कम एक सफल खरीदी लेन-देन होना आवश्यक होगा।
– धान खरीदी पोर्टल के माध्यम से खरीदी संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
पिछले साल धान नहीं बेचने वाले किसानों का होगा भौतिक सत्यापन
बैठक में किसानों की वास्तविक पात्रता सुनिश्चित करने के लिए धान खरीदी के दौरान टोकन जारी करते समय अनुदानित रकबे का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से पिछले वर्ष धान नहीं बेचने वाले किसानों के मामलों में भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही दलहन, तिलहन और मिलेट्स (कोदो, कुटकी एवं रागी) की खरीदी व्यवस्था तथा इन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को मिलने वाले प्रोत्साहन की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रसारित करने कहा गया।
गांवों तक पहुंचाई जाएगी योजना की जानकारी
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषक उन्नति योजना की पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि किसानों को योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



