
महतारी वंदन की राशि से यशोदा ने बढ़ाया सिलाई का काम, परिवार को मिला आर्थिक सहारा
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रायपुर, 22 सितंबर 2026। सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने के बाद महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत सकालो की रहने वाली यशोदा प्रजापति की कहानी भी ऐसी ही है।
यशोदा लंबे समय से सिलाई का काम कर रही हैं। सिलाई से होने वाली कमाई से वह अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में पति का सहयोग करती हैं। महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके लिए बचत करना और अपने काम को आगे बढ़ाना आसान कर दिया।
बचत से धीरे-धीरे बढ़ाया सिलाई का काम
यशोदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें काफी मदद मिलती है। वह इस राशि में से जरूरत के अनुसार खर्च करने के बाद कुछ पैसे बचाती हैं और उसी बचत से अपनी सिलाई की दुकान को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रही हैं।
उनका कहना है कि छोटी-छोटी बचत से आज उनके सिलाई के काम को मजबूती मिली है और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।
बच्चों की पढ़ाई में भी मिल रही मदद
यशोदा के पति वैन चलाते हैं और उनके दो बच्चे हैं। घर की जिम्मेदारियों के साथ वह सिलाई का काम भी संभालती हैं।
सिलाई से होने वाली आमदनी घर के खर्च में मदद करती है, वहीं महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में भी किया जा रहा है।
यशोदा का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होती है। साथ ही वे भविष्य के लिए कुछ बचत भी कर सकती हैं।
हुनर के साथ मिला आर्थिक संबल
यशोदा के लिए महतारी वंदन योजना की राशि सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रही। उन्होंने इस राशि और अपनी सिलाई से होने वाली कमाई का उपयोग अपने काम को बढ़ाने में किया।
आज सिलाई उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। यशोदा का कहना है कि मेहनत, हुनर और थोड़ी-थोड़ी बचत के जरिए वह अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश कर रही हैं।
यशोदा ने महतारी वंदन योजना से मिल रहे आर्थिक सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनकी कहानी यह बताती है कि आर्थिक सहयोग के साथ जब मेहनत और हुनर जुड़ता है, तो महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह आसान हो सकती है।



