
बाल विवाह की सूचना पर प्रशासन की कार्रवाई, नाबालिग का विवाह रुकवाया
जांजगीर-चांपा, 22 सितंबर 2026। जिले में बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवा दिया। मामला बलौदा विकासखंड के ग्राम नवापारा ख का है।
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची।
दस्तावेजों की जांच में सामने आई उम्र
टीम ने बालक के घर पहुंचकर उसके जन्म से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में बालक की उम्र 18 वर्ष 2 माह 28 दिन पाई गई। निर्धारित वैवाहिक उम्र पूरी नहीं होने के कारण अधिकारियों ने परिवार को विवाह रोकने के लिए समझाइश दी।
अधिकारियों ने बालिका और उसके माता-पिता सहित स्थानीय लोगों को बाल विवाह से होने वाले नुकसान और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
समझाइश के बाद स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बालक के माता-पिता ने विवाह रोकने पर सहमति दी। प्रशासन की टीम ने परिवार को भविष्य में निर्धारित उम्र से पहले विवाह नहीं करने की समझाइश भी दी।
लड़के के लिए 21 और लड़की के लिए 18 वर्ष उम्र निर्धारित
अधिकारियों ने बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करना कानूनन प्रतिबंधित है।
कार्रवाई के दौरान बलौदा तहसीलदार अखिलेश विश्वकर्मा, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक विष्णु श्रीवास, काउंसलर अल्का फांक, सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती सकुन सोन, राधेश्याम ओग्रे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और कोटवार मौजूद रहे।



