
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामूहिक भोज, सामाजिक समानता और आपसी अपनत्व का दिया संदेश
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 23 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सामाजिक सहभागिता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए ‘नेवता भोज’ का आयोजन किया गया। पेंड्रा के मल्टीपर्पस स्कूल के असेंबली हॉल में हुए इस आयोजन में बैगा पुजारी, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ बैठकर भोजन करते नजर आए।
यह आयोजन प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत आयोजित किया गया। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर और कार्यशाला में शामिल लोगों ने भी नेवता भोज में हिस्सा लिया।
एक ही पंक्ति में साथ बैठकर किया भोजन
नेवता भोज की खास बात यह रही कि समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन किए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैगा पुजारियों तथा ग्रामीणों ने भी सामूहिक रूप से भोजन किया।

आयोजन के जरिए आपसी संवाद, सहभागिता और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
सामाजिक दूरी कम करने की पहल
सामूहिक भोज को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और आत्मीयता बढ़ाने का माध्यम बताया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों के बीच आपसी संपर्क और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का अवसर मिलता है।
बैगा पुजारियों की रही खास सहभागिता
कार्यक्रम में बैगा पुजारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी ने आयोजन को स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी दिया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उनके एक साथ भोजन करने से बातचीत और सहभागिता का माहौल बना।
ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, वनमंडलाधिकारी श्री कुमार निशांत और जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, बैगा पुजारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
‘साथ चलें, साथ बढ़ें’ का संदेश
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत आयोजित नेवता भोज का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। सेवा संकल्प अभियान के साथ हुए इस आयोजन में समानता, सम्मान, सहयोग और सामाजिक जुड़ाव का संदेश सामने आया।
सामूहिक भोज ने यह भी दिखाया कि जब समाज के अलग-अलग वर्ग एक साथ बैठकर भोजन और संवाद करते हैं, तो आपसी विश्वास और सहभागिता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है।



