
मेडिकल कॉलेज कवर्धा में पहले बैच की पढ़ाई शुरू, विजय शर्मा बोले- डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज सेवा असली लक्ष्य
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रायपुर, 16 सितंबर 2026। कबीरधाम जिले के चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बुधवार को नया अध्याय शुरू हुआ। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया।
विद्यार्थियों को एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फूल देकर उनके नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत कराई गई। कॉलेज के पहले बैच के विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष रहा। विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपनी तैयारी, संघर्ष और डॉक्टर बनने के सपनों को भी साझा किया।
डॉक्टर बनना अंतिम लक्ष्य नहीं : विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर बनने का सपना देखना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली उद्देश्य डॉक्टर बनकर समाज के लिए बेहतर काम करना और लोगों की सेवा करना होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जिस परिवार और समाज ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा और जिम्मेदारी का भाव हमेशा बनाए रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और लगातार अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की सलाह दी।
विजय शर्मा ने यह भी कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव लेने की जरूरत नहीं है। सफलता किसी एक व्यक्ति की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि इसमें परिवार और अन्य लोगों के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जानी तैयारी
प्रथम बैच के विद्यार्थियों के साथ उप मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग, प्रवेश परीक्षा की तैयारी और सफलता के अनुभवों के बारे में जानकारी ली।
विद्यार्थियों ने बताया कि किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को अपनी तैयारी का आधार बनाया।
राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन ने बताया कि उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें कभी निराश नहीं होने दिया और लगातार अपनी गलतियों को सुधारते हुए प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता ने तीसरे प्रयास में सफलता पाई। वहीं अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट में सहयोग किया।
रोजाना 8 घंटे किताबों और 3-4 घंटे स्क्रीन से पढ़ाई
संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी पूछा कि वे रोज कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना इस्तेमाल करते थे।
विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से पढ़ाई करते थे, जबकि 3 से 4 घंटे तक डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते थे। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण उन्हें रोजाना 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी।
विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अनुभव भी साझा किए।
संवेदनशीलता और सेवा भाव जरूरी : कलेक्टर
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कठिन मेहनत के बाद विद्यार्थियों ने यहां तक पहुंचने में सफलता हासिल की है, लेकिन यह अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान के साथ सेवा भाव और संवेदनशीलता भी बेहद जरूरी है।
कवर्धा मेडिकल कॉलेज के लिए ऐतिहासिक दिन
सांसद संतोष पाण्डेय ने भी प्रथम बैच के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई है।
कार्यक्रम में राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और चिकित्सक मौजूद रहे।



