
छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे 10 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश, अब तक 93.84% काम पूरा
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम 10 नवंबर 2026 तक पूरा करना होगा। मुख्य सचिव विकासशील ने शनिवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों को शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। राज्य में अब तक 93.84 प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा हो चुका है।
बैठक में सर्वे की प्रगति, खेतों की जियो-रेफरेंसिंग, फसल की वास्तविक स्थिति की जांच और दर्ज जानकारी की गुणवत्ता पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सर्वे में किसानों के खेतों में वास्तव में कौन-सी फसल बोई गई है और उसका कितना क्षेत्रफल है, इसकी सही जानकारी दर्ज की जानी चाहिए।
10 नवंबर तक पूरा करना होगा बाकी काम
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन खेतों का सर्वे बाकी है, उनकी पहचान कर जल्द काम पूरा किया जाए। जिन खसरों के नक्शे उपलब्ध नहीं हैं या जियो-रेफरेंसिंग नहीं हुई है, वहां जरूरी प्रक्रिया पूरी कर फसल की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज की जाए।
उन्होंने सर्वेयर, पटवारी और राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों को सक्रिय रखने तथा गांववार काम की नियमित समीक्षा करने को कहा। जिन जिलों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक सर्वे पूरा हो चुका है, वहां बाकी काम तेजी से पूरा करने के लिए विशेष लक्ष्य तय किए जाएंगे।
1 नवंबर से ग्राम सभाओं में सुनी जाएंगी किसानों की समस्याएं
मुख्य सचिव ने बताया कि 1 नवंबर से ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़ी गलतियों और किसानों की शिकायतों की जांच कर उनका समाधान किया जाएगा।
किसानों को ग्राम सभाओं की जानकारी देने के लिए प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसी किसान की फसल संबंधी जानकारी गलत दर्ज हुई है या उसमें सुधार की जरूरत है, तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेगा। संबंधित अधिकारियों को ऐसे किसानों की सूची तैयार कर जरूरी सुधार करने होंगे।
सर्वे में गलती मिलने पर होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव ने सर्वे के डेटा की गुणवत्ता जांचने और जिला व राज्य स्तर पर क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल की गलत जानकारी दर्ज करने या काम में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि धान सहित किसी भी फसल का पात्र क्षेत्र सर्वे से छूटने न पाए। रिकॉर्ड अंतिम रूप से फ्रीज होने से पहले सभी जरूरी त्रुटियों को ठीक किया जाए।
विशेष श्रेणी के किसानों का भी होगा पंजीयन
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत वन अधिकार अधिनियम (FRA) के अंतर्गत आने वाले किसानों, वन क्षेत्रों के गांवों के किसानों, ग्राम कोटवारों और शासकीय पट्टाधारी किसानों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इन किसानों का पंजीयन कर जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे और एग्रीस्टैक में अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से जनजातीय जिलों और वन अधिकार वाले क्षेत्रों में सर्वे की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। इन कार्यों की रिपोर्ट भी 10 नवंबर तक अपलोड करनी होगी।
बैठक में मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। इस दौरान खाद्य, कृषि, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



