
धमतरी में ‘आंगन मिलन सेवा’ से बच्चों और महिलाओं को मिल रहा पोषण व जागरूकता का लाभ
धमतरी 1 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत चल रहा ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम बच्चों और महिलाओं के लिए खास पहल बन रहा है। इसके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बच्चों के विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिले के कुल 1,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 30 सितंबर तक 498 केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
यह अभियान 25 सितंबर से शुरू हुआ है और 6 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ महिलाओं और समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है।
खेल-कूद और प्रतियोगिताओं से बढ़ रहा उत्साह
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान पौष्टिक भोजन की प्रदर्शनी, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, चित्रकला, मनोरंजक खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों के लिए रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। वहीं फुगड़ी, रस्साकशी, मटकी फोड़ और कुर्सी दौड़ जैसे पारंपरिक खेलों में भी महिलाएं उत्साह से हिस्सा ले रही हैं।
‘न्योता भोज’ और मुनगा से पोषण पर जोर
कार्यक्रम में महिलाओं और परिवारों को संतुलित आहार तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘न्योता भोज’ का आयोजन भी किया जा रहा है।
इसके साथ ही ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ अभियान के जरिए लोगों को मुनगा यानी सहजन को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देना है।
हजारों बच्चों और महिलाओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम को जिले में लोगों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक आयोजित गतिविधियों में 2,171 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने भागीदारी निभाई है।
वहीं, 6,543 से अधिक बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया और 4,379 से अधिक महिलाओं ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इसके अलावा 6,033 से अधिक पुरुषों ने भी कार्यक्रमों में सहयोग किया। सामूहिक भागीदारी से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और परिवारों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौने दान करने की अपील
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से आंगनबाड़ी केंद्रों के खिलौना बैंक में सहयोग करने की अपील की है।
लोग अपने घरों में रखे पुराने या नए, सुरक्षित और उपयोगी खिलौने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में दान कर सकते हैं। खिलौनों के माध्यम से बच्चों में खेल-खेल में सीखने, नई चीजें जानने, रचनात्मक सोच विकसित करने और मानसिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण और देखभाल तक सीमित न रखकर बच्चों के सीखने, खेलने और सामुदायिक जुड़ाव का केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।



