महानदी शबरी सेतु पर बडें बडें गड्ढे।। पीडब्ल्यूडी ने खाना पुर्ती के नाम पर डामर का लेप लगाया एक दिन में उखडना शुरू।।

बलौदाबाजार – जिले के गिधौरी और जांजगीर के शिवरीनारायण महानदी सीमा पर शबरी सेतु पर बडें बडे गड्ढे हो गए हैं और पीडब्ल्यूडी शिवरीनारायण खाना पुर्ती के नाम पर बुधवार को मात्र डामर का लेप लगा दिया वह भी एक दिन बाद उखडना शुरू हो गया है।आपको बतला दें कि जब से इस मार्ग में बड़े बड़े वाहनों का चलना शुरू हुआ है तब से पुल की स्थिति खराब हुई है ऊपर से पी डब्लयू डी द्वारा सड़क मजबूती करण के नाम पर खाना पूर्ति की जा रही है जिससे पुल और खराब होते जा रही है ।

इस समय गिधौरी शिवरीनारायण महानदी शबरी सेतु पुल में गड्ढों की वजह से पुल का सरिया दिखाई दे रहा है।जिसे संबंधित विभाग सरिया को दबाकर डामरीकरण करना जरूरी नहीं समझ रहा है इससे लगता है सेतु विभाग भी कुम्भकरणीय नींद में सोया हुआ है।यह महानदी शबरी सेतु कई जिला से और राज्य से भी आवागमन से सम्बंधित है और हमेशा बडे वाहनो के चलते पुल बहुत ही जर्जर होने लगा है।एक ओर शिवरीनारायण पीडब्ल्यूडी अपने दिखावा साबित करने मे लगा हुआ है वहीं बड़े वाहनों का चलना भी कम नहीं हो रहा है जिससे आए दिन इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाएं आम हो गई है।

पुल में बड़े बड़े गड्ढे होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है, लोगों ने उम्मीद जताई थी कि मरम्मत के बाद राहत मिलेगी लेकिन जो गड्ढे भरे गये है वे एक दिन मे उखडना हो गया है इस लचर व्यवस्था को देखने से भारी अनिमियता सामने आने लगी है।पुल पर बडे बडे गड्ढे के साथ दरारे भी आ गई है बडे वाहन पर प्रतिबंध नही किया जाता है तो कभी भी पुल जर्जर होकर धराशायी हो सकती है।इस कारण लोगो को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।।इसलिए इस पुल पर ट्रैफिक का दबाब ज्यादा रहता हैं।लगातार भीमकाय वाहन के चलने के कारण पुल में बड़े बड़े गड्ढे हो गए है।

जिसके कारण राहगीरों को पुल पर यात्रा करते समय लोगो की परेशानी हो रही है और गड्ढों का भी अम्बार है।लोगों का कहना है कि जिस तरह पुल से बड़े वाहन चलते हैं और पुल की दुर्गति हुई है इसके मद्देनजर पीडब्ल्यूडी को पुल को मजबूती से मरम्मत करने की जरूरत है। सिर्फ खाना पूर्ति करने से कुछ नहीं होने वाला। कितने क्रांक्रिट मटेरियल डाला गया है,कब तक पुल को मजबूती से बनाया जाएगा इस बारे में जानकारी लेने जब हमारे संवाददाता इस सम्बंध में इंजीनियर शिवरीनारायण पीके गौतम से फोन से सम्पर्क किया तो उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया।




