
वन्यजीव संरक्षण का संदेश लेकर सामने आए युवा, प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित
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रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। वन्यजीवों और प्रकृति को बचाने का संदेश देने वाले विद्यार्थियों को नवा रायपुर में सम्मानित किया गया। अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। विद्यार्थियों ने अपनी कला, कल्पनाशीलता और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और रायपुर वनमंडल ने कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया। इस वर्ष की थीम ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ रखी गई थी। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
सप्ताहभर चलीं रचनात्मक गतिविधियां
वन्यजीव सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई तरह की गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें कागज से आकृतियां और घोंसलों के प्रतिरूप बनाना, बीजगोलक (सीड बॉल) तैयार करना, वन्यजीवों की तस्वीरें लेना और प्रकृति भ्रमण शामिल रहा।
इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, पेड़-पौधों और जैव विविधता को बचाने का महत्व समझाया गया। साथ ही प्रकृति के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में इन विद्यार्थियों ने मारी बाजी
शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पहला स्थान हासिल किया।
– प्रथम: देवेश मिंज
– द्वितीय: सिद्धांत नागपुरे
– तृतीय: वर्षा साहू
निबंध प्रतियोगिता के विजेता
निबंध प्रतियोगिता में अलग-अलग शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
– प्रथम: श्रेया साहू, केंद्रीय विद्यालय
– द्वितीय: शैल्या साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उपरवारा
– तृतीय: आकाश दास, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय, माना कैंप
वहीं, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
प्रकृति बचाने का दिया संदेश
वन्यजीव सप्ताह के दौरान हुई प्रतियोगिताओं और गतिविधियों ने विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब आने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं में वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


