राष्ट्रीय पोषण माह: बच्चों और माताओं को बेहतर खान-पान की दी गई जानकारी

 

जांजगीर-चांपा, 11 सितंबर 2026। राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन लेने की जानकारी दी गई।

 

कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी जानकारी और जागरूकता गतिविधियां की गईं। अधिकारियों के मुताबिक इसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण को कम करना और बच्चों व माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना है।

 

आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए गए पौधे

 

कार्यक्रम के दौरान लोगों को स्थानीय स्तर पर आसानी से मिलने वाले पौष्टिक फल और औषधीय पौधों के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही मुनगा, सहजन, पपीता, केला, नींबू, अमरूद और आंवला जैसे फलदार व उपयोगी पौधों का रोपण किया गया।

 

कुपोषण से बचाव के लिए पोस्टर, पंपलेट और दूसरी आईईसी सामग्री के जरिए भी लोगों को जानकारी दी गई।

कुपोषित बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच

 

बाल संदर्भ शिविरों में कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान की गई। बच्चों का वजन और ऊंचाई मापने के साथ स्वास्थ्य जांच भी की गई।

 

जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण के साथ चिकित्सकीय परेशानी पाई गई, उन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके।

 

इसके अलावा बच्चों के सही पोषण और देखभाल को लेकर उनके माता-पिता के लिए जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।

 

मातृ वंदना योजना की भी दी जानकारी

 

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में भी महिलाओं को जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लंबित मामलों का भी जल्द निराकरण किया जा रहा है।

 

अधिकारियों का कहना है कि पोषण माह के माध्यम से गांव-गांव तक सही खान-पान, बच्चों की देखभाल और कुपोषण से बचाव का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

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