
धान की जगह 15 एकड़ में कपास की खेती, किसान को बेहतर कमाई की उम्मीद
बिलासपुर, 10 सितंबर 2026। धान की खेती के साथ अब किसान दूसरी फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान के बजाय मक्का, कोदो-कुटकी, रागी, कपास, गन्ना, दलहन और तिलहन जैसी फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
योजना के तहत पात्र किसानों को चिन्हित वैकल्पिक फसल लगाने पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
15 एकड़ में लगाई कपास
इसका उदाहरण बिल्हा विकासखंड के ग्राम किरारी गोढ़ी में देखने को मिला। यहां किसान श्री सुरेश सराफ के 27 एकड़ के खेत में करीब 15 एकड़ में कपास की खेती की गई है।
कपास की फसल लगाने वाले किसान जगदीप जी ने बताया कि फसल लगाए करीब एक महीना हो चुका है और अभी फसल की स्थिति अच्छी है। उनका कहना है कि धान की तुलना में कपास से ज्यादा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसान के मुताबिक कपास से करीब 12 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन मिलने की उम्मीद है। वहीं, कृषक उन्नति योजना के तहत मिलने वाली 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि से अतिरिक्त फायदा होगा।
खेत से ही बिकेगी कपास
किसान ने बताया कि कपास बेचने के लिए ज्यादा परेशानी नहीं होगी। कपास मिल संचालकों द्वारा खेत से ही उपज खरीदकर ले जाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे परिवहन की परेशानी भी कम होगी।
किसान ने इस साल कपास से अच्छी आमदनी की उम्मीद जताते हुए दूसरे किसानों से भी धान के साथ वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील की है।
कृषि विभाग ने खेत पहुंचकर देखा फसल का हाल
उप संचालक कृषि बिलासपुर एम.आर. तिग्गा ने किसान के खेत का दौरा कर कपास की फसल का जायजा लिया। उन्होंने धान के बजाय कपास की खेती शुरू करने की पहल की सराहना की और किसान को कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। कृषि विभाग किसानों को क्षेत्र के अनुसार लाभकारी वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।
इस दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बिल्हा आर.एस. गौतम तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कुंज बिहारी पात्रे, विनोद साहू, वंश द्विवेदी और दीपक कौशिक भी मौजूद रहे।



