
श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिला शिक्षा का नया आसमान, 1.45 लाख श्रमिकों को ₹39.67 करोड़ की सहायता
रायपुर, 24 अगस्त 2026। श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह का आयोजन राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की मजबूत नींव हैं। उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, खूब मेहनत करने और देश-प्रदेश की सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
200 बच्चों को प्रतिष्ठित आवासीय स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों से हुई थी, जिसे बढ़ाकर इस वर्ष 200 बच्चों तक किया गया है।
प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए कभी कठिन सपना था, आज सरकार उस सपने को साकार करने का प्रयास कर रही है।
1.45 लाख श्रमिकों को ₹39.67 करोड़ से अधिक की सहायता
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि अंतरित की गई।
श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल विकास, रोजगार और आवास जैसी योजनाएं शामिल हैं।
सरकार के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि श्रमिकों के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर किया भोजन
समारोह का सबसे आत्मीय क्षण तब देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने लगे। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की।
विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री से उनके बचपन, पढ़ाई और जीवन संघर्ष से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बीजापुर के अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना साझा किया। वहीं कबीरधाम की इशिका डाहरे ने बताया कि योजना के माध्यम से मिले बेहतर वातावरण ने उनका अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी मिलेंगे बेहतर अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक परिस्थिति किसी भी प्रतिभावान बच्चे के सपनों में बाधा न बने। बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा और विकास के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



