
चक्रवात अर्नब से फसल और पशुधन को हुए नुकसान का होगा सर्वे, प्रभावित किसानों को मिलेगी राहत
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जांजगीर-चांपा, 31 अक्टूबर 2026। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हुई बारिश के कारण जिले में फसलों को हुए नुकसान और प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का वास्तविक आकलन करने और पात्र किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदारों और कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता है। फसल क्षति का सही आकलन कर शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र किसानों को आरबीसी 6-4 के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।
1 से 5 नवंबर तक होंगी विशेष ग्राम सभाएं
बैठक में एग्रीस्टेक के तहत फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किसानों और डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज फसल विवरण के सत्यापन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके लिए जिले में 1 से 5 नवंबर 2026 तक विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में पंजीकृत किसानों की सूची और उनके खसरों में दर्ज फसल विवरण का वाचन किया जाए। धान विक्रय के लिए पंजीकृत किसानों एवं उनके खसरों की सूची ग्राम पंचायतों के सूचना पटल और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रकाशित की जाए, ताकि किसान अपने विवरण की जांच कर सकें।
दावा-आपत्तियों का 10 नवंबर तक होगा निराकरण
विशेष ग्राम सभाओं में प्राप्त दावा-आपत्तियों को संबंधित समितियों में एकत्रित किया जाएगा। इनका निराकरण 6 से 10 नवंबर 2026 के बीच किया जाएगा। निराकरण के बाद संबंधित किसानों को इसकी सूचना भी दी जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री में किसी किसान का खसरा छूट गया है तो समिति अथवा चॉइस सेंटर के माध्यम से उसे जोड़ा जाए। इसके लिए अद्यतन बी-1, आधार कार्ड और ओटीपी के लिए मोबाइल साथ रखना होगा।
वहीं डिजिटल क्रॉप सर्वे में फसल विवरण गलत दर्ज होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भौतिक सत्यापन कराया जाएगा और वास्तविक फसल की सही प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी।
पशुधन हानि का भी होगा आकलन
कलेक्टर ने राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण कर फसल के साथ पशुधन को हुए नुकसान का भी आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों और पशुपालकों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर उपस्थित थे। सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



