
युवा नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाले भी बनें: मुख्यमंत्री साय
1 से 3 नवंबर तक होगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026, तैयारियों को लेकर सरकार ने कसी कमर
रायपुर, 29 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने हुनर, नए विचार और तकनीक के जरिए खुद का काम शुरू करें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करें।
मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ में युवाओं, विद्यार्थियों और स्टार्टअप उद्यमियों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी तकनीकी मदद, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर नीतिगत माहौल उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
स्टार्टअप और युवाओं के लिए 500 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद देने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ पर काम किया जा रहा है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने युवाओं से राज्य की नई औद्योगिक नीति-2024 को समझने और उसमें मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री के मुताबिक नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को अब तक करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नए क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी में हो रहा विस्तार उद्योग और व्यापार के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
कृषि और वन उत्पादों से भी शुरू हो सकते हैं नए कारोबार
मुख्यमंत्री ने युवाओं को कृषि और वन उत्पादों में कारोबार की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इमली, महुआ, सीताफल और कई तरह की औषधीय वनोपज उपलब्ध हैं। इनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए युवा नए व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
सुगंधित चावल को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी कई किस्में हैं। उन्होंने कहा कि कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय प्रोसेसिंग और निर्यात से जोड़ने की जरूरत है।
युवाओं ने सीधे पूछे सवाल
कॉन्क्लेव में युवाओं ने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप फंडिंग, लोन, रोजगार, हॉर्टिकल्चर, सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम और प्रस्तावित फिल्म सिटी से जुड़े अवसरों पर सवाल किए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नए प्रयोग करने और असफलता से घबराए बिना आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी नए विचार को सफल बनाने के लिए मेहनत, कौशल और उद्यमिता जरूरी है।
बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बने सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने यहां आधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक उपकरणों और स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
सेंटर में स्टार्टअप के लिए इन्क्यूबेशन स्पेस, ड्राई और वेट लैब, कॉमन इंस्ट्रूमेंटेशन लैब, टेस्टिंग सुविधाएं और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेंटर युवाओं को ‘आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से एंटरप्राइज’ तक आगे बढ़ने में मदद करेगा। यहां विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इंटर्नशिप, रिसर्च और स्टार्टअप से जुड़े अवसर भी मिलेंगे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण
मुख्यमंत्री ने इन्क्यूबेशन सेंटर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मौलश्री का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल करने की अपील की।
तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप अपने उत्पाद और नए विचार प्रदर्शित कर रहे हैं।
कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अधिकारी, वैज्ञानिक, युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



