पति के निधन के बाद खेती बनी परिवार का सहारा, उर्मिला ने मेहनत से बदली जिंदगी

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सरगुजा। 26 सितंबर 2026। जिंदगी में मुश्किलें आने के बाद भी अगर हौसला और मेहनत बनी रहे तो हालात बदले जा सकते हैं। सरगुजा जिले की उर्मिला गुप्ता इसकी एक मिसाल हैं।

 

पति के निधन के बाद उर्मिला के सामने अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई और परिवार चलाने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई। ऐसे समय में खेती उनके परिवार का सहारा बनी। आज वे टमाटर, खीरा और दूसरी सब्जियों की खेती कर अपनी आमदनी कमा रही हैं और परिवार की जिम्मेदारी खुद संभाल रही हैं।

 

बिहान से जुड़ीं, तो मिली खेती को आगे बढ़ाने की राह

 

उर्मिला पहले घर तक ही सीमित रहती थीं। खेती को बड़े स्तर पर आजीविका का जरिया बनाने के बारे में उन्होंने ज्यादा नहीं सोचा था। इसके बाद वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और आकांक्षा स्व-सहायता समूह से जुड़ीं।

 

समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सब्जियों की खेती को बेहतर तरीके से करने की जानकारी और प्रोत्साहन मिला। इसके बाद उन्होंने टमाटर की खेती शुरू की। पिछले करीब चार वर्षों से वे लगातार टमाटर उगा रही हैं। इसके साथ ही खीरा और दूसरी सब्जियां भी पैदा कर रही हैं।

 

समूह से लिया ऋण, खेती में लगाया और चुका भी दिया

 

खेती का काम बढ़ाने के लिए उर्मिला ने स्व-सहायता समूह से ऋण लिया। इस पैसे को उन्होंने खेती में लगाया। मेहनत रंग लाई और सब्जियों की बिक्री से आमदनी होने लगी।

 

उर्मिला ने अपनी कमाई का सही तरीके से इस्तेमाल करते हुए समूह से लिया पूरा ऋण भी समय पर चुका दिया। इससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा और अब वे खेती को और आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।

 

पति के निधन के बाद बच्चों की जिम्मेदारी खुद संभाली

 

साल 2024 में पति के निधन के बाद उर्मिला पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी आ गई। दोनों बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और दूसरी जरूरतें पूरी करना उनके लिए आसान नहीं था।

 

लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। पहले से शुरू की गई सब्जियों की खेती को उन्होंने अपना मुख्य सहारा बनाया। आज खेती से होने वाली कमाई से वे अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च संभाल रही हैं।

 

अब लखपति दीदी बनने की ओर कदम

 

बिहान और स्व-सहायता समूह से मिले सहयोग ने उर्मिला को सिर्फ कमाई का जरिया ही नहीं दिया, बल्कि खुद फैसले लेने और अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया।

 

टमाटर, खीरा और दूसरी सब्जियों की खेती से आमदनी बढ़ाते हुए उर्मिला अब ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

 

उर्मिला ने बिहान से मिले सहयोग और आजीविका के अवसर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।

 

उर्मिला की कहानी बताती है कि मुश्किल समय में अगर सही अवसर, सहयोग और मेहनत साथ हो तो महिलाएं अपने परिवार की जिम्मेदारी खुद संभालते हुए आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

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