
केंद्रीय जेल में बंदियों ने बनाई 500 पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं
रायपुर, 8 सितंबर 2026। गणेशोत्सव को लेकर केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों ने एक अनोखी पहल की है। यहां बंदियों ने मिट्टी से भगवान गणेश की करीब 500 पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाएं तैयार की हैं। इन प्रतिमाओं की खास बात यह है कि इनमें तुलसी समेत अलग-अलग पौधों के बीज भी डाले गए हैं।
इन मूर्तियों को प्राकृतिक मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनाया गया है। प्रतिमाओं का आकार करीब 1 से 2 फीट रखा गया है। गणेशोत्सव के बाद जब इन प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, तो मिट्टी में मौजूद बीज पानी और मिट्टी के संपर्क में आने के बाद अंकुरित होकर पौधों का रूप ले सकेंगे।
इस तरह भगवान गणेश की प्रतिमाएं विसर्जन के बाद भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती रहेंगी।
10 बंदियों ने मिलकर तैयार की प्रतिमाएं
इन गणेश प्रतिमाओं को केंद्रीय जेल रायपुर के करीब 10 बंदियों ने मेहनत और लगन से तैयार किया है। जेल में पहले से ही बंदियों को अलग-अलग तरह के कौशल और काम सिखाए जाते हैं। इसी कड़ी में उन्हें गणेश प्रतिमा बनाने का काम भी दिया गया।
इस पहल से बंदियों को अपनी रचनात्मकता और हुनर दिखाने का मौका मिला है। साथ ही उन्हें सकारात्मक और समाज के लिए उपयोगी काम से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।
आस्था के साथ पर्यावरण बचाने का संदेश
जेल अधीक्षक रायपुर योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि बंदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेल में लगातार कौशल विकास की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बीजों वाली ये गणेश प्रतिमाएं यह संदेश देती हैं कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा भी की जा सकती है। ऐसी गतिविधियों से बंदियों को अपनी प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करने का अवसर मिलता है और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।



