
छत्तीसगढ़ के 30 ITI बनेंगे आधुनिक कौशल केंद्र, 1,446 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
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रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए प्रदेश के 30 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री पीएम-सेतु योजना के तहत छह क्लस्टरों में इन संस्थानों के उन्नयन के लिए करीब 1,446 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। दुर्ग क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट और बस्तर क्लस्टर के लिए NMDC लिमिटेड उद्योग भागीदार बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण देना जरूरी है। इससे उन्हें रोजगार पाने के साथ अपना काम शुरू करने में भी मदद मिलेगी।
छह क्लस्टरों में 30 ITI का होगा आधुनिकीकरण
पीएम-सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ में दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर में छह क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें छह हब ITI और 24 स्पोक ITI शामिल होंगे।
योजना के तहत पांच साल में करीब 1,446 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। हर क्लस्टर के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। हब ITI के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक ITI के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है।
योजना में केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित है। इसके माध्यम से ITI में आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
दुर्ग में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा उद्योग भागीदार
दुर्ग क्लस्टर में शासकीय ITI दुर्ग को हब संस्थान बनाया जाएगा। वहीं, ITI भिलाई, महिला ITI भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।
इस क्लस्टर में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट उद्योग भागीदार के रूप में काम करेगी। इससे विद्यार्थियों को औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली मशीनों, तकनीकों और काम करने के तरीकों से जुड़ा प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।
बस्तर के युवाओं को भी मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
बस्तर क्लस्टर के लिए NMDC लिमिटेड उद्योग भागीदार होगा। इसमें शासकीय ITI बस्तर को हब और जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव तथा नारायणपुर के सरकारी ITI को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पहुंचाना जरूरी है। इस पहल से उन्हें आधुनिक औद्योगिक कौशल सीखने और स्थानीय सहित अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ लेने में मदद मिल सकती है।
कोरबा और सरगुजा में भी उद्योगों की भागीदारी की तैयारी
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने उद्योग भागीदार बनने पर सहमति दी है। यहां ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में टाटा IIS का चयन किया गया है। एमओयू से जुड़ी प्रक्रिया अभी आगे बढ़ाई जा रही है।
कोरबा क्लस्टर के लिए NTPC कोरबा ने भागीदारी की सहमति दी है, जबकि ऑपरेटिंग पार्टनर चुनने की प्रक्रिया जारी है। रायपुर और रायगढ़ क्लस्टरों के लिए भी उद्योग भागीदार चुनने की प्रक्रिया चल रही है।
हब-स्पोक मॉडल से बढ़ेंगी प्रशिक्षण सुविधाएं
योजना के तहत हब ITI को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक ITI भी इन सुविधाओं और विशेषज्ञता का लाभ ले सकेंगे।
उद्योगों की भागीदारी से प्रशिक्षण को उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर रहेगा।
रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि ITI के आधुनिकीकरण और उद्योगों की सीधी भागीदारी से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार तथा NMDC, SAIL और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



