
उल्लास साक्षरता कार्यक्रम से बंदियों के जीवन में जगी नई उम्मीद
रायपुर, 19 मई 2026। बीजापुर उप जेल में शिक्षा के माध्यम से बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन में “उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के तहत असाक्षर कैदियों और बंदियों के लिए नवसाक्षरता अभियान की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अभियान के अंतर्गत बंदियों को पेन, पेंसिल, पुस्तकें और व्हाइटबोर्ड जैसी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि वे नियमित रूप से पढ़ाई कर सकें। इस पहल का उद्देश्य केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता विकसित करना भी है, जिससे वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया ने कहा कि शिक्षा जीवन बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है और शासन का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहे। जेल में बंद असाक्षर लोगों को शिक्षित करना सामाजिक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उप जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बंदियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बंदियों में सीखने को लेकर उत्साह, जिज्ञासा और नई उम्मीद साफ दिखाई दी।
“उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के माध्यम से उप जेल बीजापुर में शिक्षा का सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। यह पहल बंदियों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने का प्रेरणादायक प्रयास बनती जा रही है।



