
सड़क हादसों पर लगाम लगाने की तैयारी, IIT मद्रास के विशेषज्ञ ने अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
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जांजगीर-चांपा, 12 अक्टूबर 2026। जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आईआईटी मद्रास के तकनीकी विशेषज्ञ हेमंत शर्मा ने अधिकारियों को बताया कि दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का इस्तेमाल करके हादसों को कैसे कम किया जा सकता है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाएं कहां, किस समय और किन कारणों से हो रही हैं, इसका बारीकी से अध्ययन करना जरूरी है। दुर्घटनाओं में कितने लोग घायल हुए और कितनों की मौत हुई, इन आंकड़ों के आधार पर भी उन जगहों की पहचान की जा सकती है, जहां हादसों का खतरा ज्यादा रहता है।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर होंगे जरूरी सुधार
विशेषज्ञ हेमंत शर्मा ने बताया कि आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील सड़कों और ब्लैक स्पॉट की पहचान की जा सकती है। इसके बाद स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुधार की योजना बनाई जाएगी। इससे बार-बार होने वाले हादसों को रोकने और सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी दुर्घटनाओं की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आईआरएडी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज दुर्घटनाओं की जानकारी का उपयोग करने के बारे में बताया गया। इसके साथ ही डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी ट्रैकर, फील्ड परसेप्शन सर्वे और ट्रॉमा केयर की तैयारी से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों को बताया गया कि अलग-अलग विभागों से मिलने वाले आंकड़ों को एक साथ जोड़कर उनका विश्लेषण किया जाए, ताकि जरूरत के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में समय पर कार्रवाई की जा सके।
पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण विभाग मिलकर करेंगे काम
बैठक में सड़क हादसों की रोकथाम के लिए पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का नियमित संकलन, सत्यापन और विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए, ताकि हर क्षेत्र में जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सके।
प्रशिक्षण के बाद संबंधित विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे दुर्घटनाओं की जानकारी जुटाने, उनका विश्लेषण करने और जरूरी कदम उठाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता श्रीवास्तव, पुलिस विभाग से डीएसपी सतरूपा तारम, जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा, डीआरएम साधना गुप्ता और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



