बलौदा बाजार – ग्राम मुड़पार में हिमांचल प्रदेश गए मजदूर गांव तो आ गए हैं लेकिन इन्हें अव्यवस्था के बीच रखे गए हैं।जिस स्कूल में इन्हे रखे गए हैं वहां न तो बिजली की ब्यवस्था है और न पानी, न पंखे की।सभी उमस भरी गर्मी में अंधेरी रात में 14 दिन किल्लत से रहने मजबुर है। सेंटर में रह रहे राजेन्द्र,मिथुन ने बताया कि वे हिमंचाल प्रदेश से प्रति व्यक्ति 9 – 9 हज़ार रुपए में भाडा कर एक वाहन से 16 लोग 20 मई को सुबह 9 बजकर 30 मिनट में मुड़पार पहुंचे।हमें प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिस स्कूल में 14 दिन के लिए ठहराए गए हैं वहां कोई व्यवस्था नहीं है।हमे 24 घंटे में केवल 2 बार भोजन दिया जा रहा है एक बार 12 बजे तो दूसरी बार 7 बजे छोटे छोटे बच्चें हैं दिन बड़ा है क्या करे समझ से बाहर है सुबह नाश्ता भी नसीब नहीं हो रहा है,बिजली नहीं होने से रात के अंधेरे में सांप बिच्छू का डर भी सता रहा है,स्कूल में 1 हैंडपंप लगा हुआ है उसमे भी कम पानी आ रहा है नहाने और पीने की पानी की किल्लत है।
आपको बतला दें कि छत्तीसगढ़ शासन ने कोविड -19 महामारी के नियंत्रण के लिए सभी ग्राम पंचायतों में जनसंख्या के अनुरूप लाखों रुपए खातों में रकम डालेे गए हैं जिसका सरपंच सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं जबकि जनपद पंचायत बिलायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पी गायकवाड़ ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को इस मद की राशि को खर्च करने निर्देश दिया है फिर भी इस मद की राशि का सरपंच सचिव द्वारा उपयोग नहीं किया जा रहा है जो पंचायत की निष्क्रियता ,लापरवाही को दर्शाती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुड़पार में शासन ने करीब 6 लाख 90 हज़ार रुपए दिया हुआ है फिर भी पंचायत द्वारा गांब के स्कूल और गलियों में सूखे हुए हैंडपंपों को सुधारा नहीं जा रहा है।जहां मजदूर ठहरे हुए हैं वहां टॉयलेट को भी सुधारा नहीं गया है साफ सफाई भी नहीं है गंदगी के बीच लोग ठहरे हुए हैं। जिससे कोरोनटाइन के लिए ठहरे हुए लोगों को दिशा मैदान के लिए बाहर जाना पड़ रहा है वहीं गंदगी के बीच होने के कारण बीमारी का डर सता रहा है ।सुबह होते ही ये मजदूर स्कूल से बाहर जाते हैं जबकि सेंटर में रह रहे व्यक्तियों को बाहर निकलना मना है चूंकि ये दिशा मैदान के लिए गांव कि गलियों से होकर गुजर रहे हैं जिससे अन्य को संक्रमण फैलने कि आशंका है। गांव वालों का कहना है कि अभी तो सैकड़ों की तादाद में बाहर से लोग आएंगे ऐसे भी मुड़पार में जगह कि कमी है आगे क्या होगा समझ से परे है।
ऐसे भी बरसात आने वाली है स्थिति और भयावह होने कि अंदेशा लगा रहे हैं।इधर इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच पवन कुमार साहू ने कहा कि काम कि अधिकता के कारण अव्यवस्था है बल्ब खरीद कर ले आया हूं,पंखे के रिपेयर के लिए भी इलेक्ट्रीशियन को बोल चुका हूं जल्द ही मेरे द्वारा ब्यवस्थित की जाएगी।