
बिरीमकेला के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने शुरू किया मछली पालन, पहली बिक्री से मिली आमदनी
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सरगुजा, 27 सितंबर 2026। गांव में बना अमृत सरोवर अब सिर्फ पानी बचाने का काम नहीं कर रहा, बल्कि महिलाओं के लिए कमाई का जरिया भी बन रहा है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरीमकेला में ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अमृत सरोवर में मछली पालन शुरू किया है।
पहले समूह की महिलाएं किसी आय से जुड़ी गतिविधि से नहीं जुड़ी थीं। गांव में अमृत सरोवर बनने के बाद महिलाओं ने मिलकर इसमें मछली पालन शुरू करने का फैसला लिया। पहली बार पाली गई मछलियों में से करीब 15 किलो मछली बेचकर समूह को आमदनी हुई।
पहली कमाई से बढ़ा महिलाओं का हौसला
समूह की सदस्य रजनी चौहान ने बताया कि पहली बार मछली बेचने से हुई कमाई से महिलाओं का हौसला बढ़ा है। इसके बाद समूह ने दोबारा मछली पालन शुरू कर दिया है।
इस बार अमृत सरोवर में 10 पैकेट मछली के बीज डाले गए हैं। समूह की महिलाएं मिलकर इसकी देखभाल कर रही हैं और आगे इससे होने वाली आमदनी बढ़ाने की तैयारी में जुटी हैं।
गांव में ही मिला रोजगार का रास्ता
अमृत सरोवर से जुड़ने के बाद महिलाओं को गांव में ही काम और आमदनी का अवसर मिला है। महिलाएं अब मिलकर मछली पालन कर रही हैं और इसे नियमित आय का साधन बनाने की कोशिश कर रही हैं।
रजनी चौहान ने कहा, “पहले हम लोग समूह में कुछ नहीं करते थे। अब अमृत सरोवर मिला है, जिसमें मछली पालन कर रहे हैं और हमारी आजीविका बढ़ रही है। आगे भी हम लोग आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे।”
उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
पानी बचाने के साथ कमाई का भी साधन
ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं की यह पहल बताती है कि गांव में बनी जल संरचनाओं का उपयोग सिर्फ पानी बचाने के लिए ही नहीं, बल्कि रोजगार और आजीविका बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।
अमृत सरोवर में मछली पालन से रजनी और समूह की दूसरी महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। अब उनका लक्ष्य इस काम को आगे बढ़ाकर समूह की आमदनी को और मजबूत करना है।



