
छत्तीसगढ़ में 20 साल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बनेगी योजना
रायपुर, 18 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकास की लंबी अवधि की योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रदेश की सड़कों, ऊर्जा, जल, सिंचाई, संचार और डिजिटल कनेक्टिविटी समेत जरूरी सुविधाओं के विकास की समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई बैठक में मिशन की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग को इस मिशन का नोडल विभाग बनाया गया है।
सड़कों के लिए बनेगा 20 साल का मास्टर प्लान
बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश के रोड नेटवर्क के लिए अगले 20 वर्षों का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
इस योजना में मौजूदा सड़कों और कनेक्टिविटी की स्थिति के साथ भविष्य में बढ़ने वाली जरूरतों, नए विकास क्षेत्रों और बेहतर कनेक्टिविटी की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद जरूरी परियोजनाओं की प्राथमिकता तय कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई जाएगी।
सड़क के साथ बिजली-पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी पर भी फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि अधोसंरचना विकास को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय एक साथ जोड़कर योजना बनानी होगी। सड़क के साथ ऊर्जा, जल, सिंचाई, संचार और डिजिटल कनेक्टिविटी की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन कर यह तय किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में कहां और किस तरह की अधोसंरचना विकसित करने की आवश्यकता है।
इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब की होगी तलाश
प्रदेश में इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
सड़क और रेल समेत अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने और माल परिवहन को आसान बनाने के लिए जरूरी परियोजनाओं की पहचान की जाएगी।
इसके साथ ही अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए नए फंडिंग मॉडल पर भी अध्ययन किया जाएगा। निजी और सरकारी निवेश समेत अलग-अलग वित्तीय विकल्पों को देखते हुए परियोजनाओं के लिए उपयुक्त व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।
20 साल की योजना के साथ हर साल का एक्शन प्लान
मुख्य सचिव ने कहा कि केवल 20 साल का मास्टर प्लान बनाना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ हर साल के लिए अलग एक्शन प्लान भी तैयार किया जाए।
इसमें यह स्पष्ट होगा कि किस साल कौन सा काम किया जाना है, उसकी प्राथमिकता क्या होगी, कितने संसाधनों की जरूरत होगी और काम को पूरा करने की समय-सीमा क्या होगी।
परियोजनाओं की बेहतर प्लानिंग और मैपिंग के साथ उनके समय पर और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
दूसरे राज्यों की आधुनिक परियोजनाओं का भी होगा अध्ययन
बैठक में अधिकारियों के एक्सपोजर विजिट आयोजित करने की बात भी कही गई। इसके जरिए दूसरे राज्यों में विकसित की जा रही आधुनिक अधोसंरचना परियोजनाओं और नई तकनीकों का अध्ययन किया जाएगा।
इनमें से छत्तीसगढ़ की जरूरत के अनुसार उपयोगी तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली को प्रदेश में लागू करने की संभावनाएं देखी जाएंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



