
छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 23 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
विशाल संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है।
छत्तीसगढ़ की धरती शिव आराधना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भगवान महादेव के अनेक प्राचीन और प्रसिद्ध धाम स्थित हैं। रायपुर के हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम के भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, चम्पारण के चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद के भूतेश्वर महादेव, सिरपुर के गंधेश्वर महादेव और जशपुर के मधेश्वर महादेव सहित अनेक शिवधाम प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
पांच शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भगवान शिव के साथ आदिशक्ति के भी अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।
50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
पंडित प्रदीप मिश्रा का किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
उन्होंने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



