रायपुर 10 जून 2021 । आज दिनांक 10-06-2021 को बहुजन समाज पार्टी छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके जी को बस्तर से नक्सली हिंसा समाप्त करने का ज्ञापन सौंपा।उन्होंने ज्ञापन पत्र में लिखा है की छत्तीसगढ़ से कथित नक्सली हिंसा समाप्त करने,तत्काल बस्तर से सुरक्षा बल हटाने,शांति वार्ता करने, कथित नक्सली हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों व राजनेताओं के विरुद्ध अपराध दर्ज हो।उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा के नाम से दरभा झीरम घाटी नरसंहार, रानी बोदली जनसंहार, उरपलमेटा एर्राबोर जनसंहार, दंतेवाड़ा यात्री बस जनसंहार, धौड़ाई नारायणपुर जनसंहार, भाजपा विधायक भीमा मंडावी जनसंहार,बुधरा सोढ़ी,बुधराम राणा,चिन्ना गोटा जनसंहार, सुकमा दंतेवाड़ा 04 अप्रैल 2021 का जनसंहार, 17 मई 2021 का सिलगेर, बीजापुर का जनसंहार, बुर्कापाल जनसंहार, मड़कम हिड़मे, मीना खलखो हत्याकांड आदि हजारों घटनाएँ घट चुकीं हैं। ऐसी हिंसा बड़े पैमाने पर सलवाजुडूम आन्दोलन के समय में हुईं हैं।
इस प्रकार की घटनाओं में निर्दोष आदिवासी, निर्दोष पुलिस, निर्दोष सुरक्षा बल के जवान मारे जा रहे हैं। इतने लंबे समय से हिंसा का जिन्दा रहना एक सभ्य समाज में उचित नहीं है। हजारों लोगों को गलत आधार पर फर्जी नक्सली प्रकरण में निरुद्ध किया गया है।इन घटनाओं को लेकर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम ने निंदा ब्यक्त करते हुए ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए हिंसा खत्म करने की कार्यवाही की मांग की।उन्होंने आगे कहा कि मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों एवं क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की समिति गठित करके उस समिति की देखरेख व नेतृत्व में सभी आवश्यक कदम उठाई जाय, कथित नक्सली हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों व राजनेताओं के विरुद्ध अपराध दर्ज किया जाय, हर घटना पर पृथक पृथक अपराध दर्ज किया जाय। इसमें दलगत भावना न देखा जाय। राजनीतिक दलों के नेताओं के हिंसा में शामिल होने व संरक्षण देने की जानकारी आये दिन अखबारों में प्रकाशित होती रहती है।उन्होंने राज्यपाल महोदया से कहा की आप स्वयं आदिवासी वर्ग से हैं। आप पहले कांग्रेस में भी रहे हैं और भाजपा में भी हैं। आपसे सादर निवेदन है कि राज्य में सभी आवश्यक कार्यों को छोड़कर इस हिंसा को खत्म करने का विशेष प्रयास हो,आपके रहते अगर नक्सली समस्या का हल नहीं हो सकता है तो फिर आदिवासियों को कोई भी नहीं बचा सकता है।