
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर मंथन, आठ जिलों के लोगों ने रखे अपने सुझाव
रायपुर/बिलासपुर, 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रारूप तैयार करने के लिए सरकार की ओर से लोगों की राय ली जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को बिलासपुर में संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें आठ जिलों से आए सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
बैठक देवकी नंदन दीक्षित सभागृह, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर में हुई। इसमें विवाह, तलाक, भरण-पोषण, संपत्ति में उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर जोर
राज्य शासन की ओर से गठित समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि देश में पारिवारिक मामलों से जुड़े कई कानून और प्रावधान लागू हैं। इनमें अलग-अलग व्यवस्थाएं देखने को मिलती हैं। समान नागरिक संहिता पर विचार करने का उद्देश्य पारिवारिक कानूनों में समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं तथा बच्चों के अधिकारों को मजबूत बनाना है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता का संबंध विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे नागरिक एवं पारिवारिक विषयों से है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके तहत किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति और धार्मिक आस्था में हस्तक्षेप नहीं करने की बात कही गई है।
पक्ष और विपक्ष में लोगों ने रखे विचार
बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रतिनिधि शामिल हुए।
विभिन्न समाजों, धार्मिक संगठनों, राजनीतिक संगठनों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने समान नागरिक संहिता के पक्ष और विपक्ष में अपनी राय रखी। चर्चा में सामाजिक परंपराओं, अलग-अलग समुदायों की प्रथाओं और कानूनों में बदलाव से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
समिति के सदस्यों ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में लागू कानूनों के साथ दूसरे राज्यों की व्यवस्थाओं को भी देखा जा रहा है। इसके बाद सुझावों और कानूनी अध्ययन के आधार पर संहिता का प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
30 अक्टूबर तक ऐसे भेजें अपना सुझाव
समान नागरिक संहिता को लेकर आम नागरिकों और संगठनों से भी सुझाव मांगे गए हैं। इच्छुक लोग 30 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन या ई-मेल के माध्यम से अपनी राय भेज सकते हैं।
– आधिकारिक वेबसाइट: http://ucc.cgstate.gov.in
– ई-मेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
बैठक में समिति के सदस्य एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह, रायपुर संभागायुक्त एवं समिति के सचिव श्याम धावड़े तथा बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।



