
रावणभाठा दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आयोजन के लिए हर साल मिलेंगे 10 लाख रुपये
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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार, 20 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावण का पुतला जलाने के साथ हमें अपने भीतर की बुराइयों, जैसे क्रोध, अहंकार, लालच और गलत कामों पर भी विजय पाने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धैर्य, साहस, त्याग और न्याय के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
170 साल पुरानी परंपरा का साक्षी है रावणभाठा मैदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के रावणभाठा मैदान में दशहरा मनाने की परंपरा लगभग 170 साल पुरानी है। यह आयोजन केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति और इससे जुड़े लोगों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराओं को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।

छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा नाता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से विशेष संबंध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता कौशल्या का मायका छत्तीसगढ़ में है और वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता तथा लक्ष्मण जी ने इस क्षेत्र में समय बिताया था। इसी वजह से भगवान श्रीराम के आदर्श छत्तीसगढ़ के लोकजीवन और संस्कृति में विशेष स्थान रखते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का रास्ता नहीं छोड़ा। दशहरा हमें सिखाता है कि अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में जीत सत्य और न्याय की ही होती है।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे का संदेश आज भी प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साहस, संकल्प और एकजुटता महत्वपूर्ण हैं।
श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर को देश की आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाएं और समाज में प्रेम, भाईचारे, सेवा तथा सद्भाव को मजबूत करें।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। विकास के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजना भी जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सत्य, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के रास्ते पर चलते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने रावणभाठा दशहरा उत्सव को लगभग 170 वर्ष पुरानी परंपरा बताते हुए कहा कि दूधाधारी मठ द्वारा प्रतिवर्ष इसका आयोजन किया जाता है।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, अंजय शुक्ला, सुभाष तिवारी, मनोज वर्मा, सुशील ओझा, उमेश गुप्ता, संजू नारायण सहित दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



