सरगुजा के 35 सरकारी स्कूलों में NEET-JEE की मुफ्त कोचिंग शुरू, 2,120 विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

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अंबिकापुर/रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। सरगुजा जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें डॉक्टर और इंजीनियर बनने के लिए NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जिले के 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में निःशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग शुरू की गई है। इससे करीब 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शनिवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना का शुभारंभ किया। जिला खनिज संस्थान न्यास और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई इस परियोजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

 

प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हैं सही अवसर और मार्गदर्शन

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और मेहनत करने का जज्बा हो तो सरगुजा का बच्चा भी देश में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

 

उन्होंने कहा कि कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल आर्थिक परेशानी या संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से पीछे न रहे, यही इस पहल का उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन बनाए रखने और पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई करने की अपील की।

 

मंत्री ने विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन कोचिंग में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक करें।

 

35 स्कूलों के विद्यार्थियों को दो साल तक मिलेगी कोचिंग

 

इस परियोजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 में कक्षा 11वीं विज्ञान संकाय के लगभग 2,120 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। गणित समूह के विद्यार्थी JEE और जीव विज्ञान समूह के विद्यार्थी NEET की तैयारी कर सकेंगे।

 

कोचिंग का संचालन फिजिक्स वाला लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। सभी 35 चयनित स्कूलों में लाइव इंटरैक्टिव ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होंगी। हिंदी और अंग्रेजी के मिश्रित माध्यम में होने वाली इन कक्षाओं में विद्यार्थी विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान भी कर सकेंगे।

 

विद्यार्थियों को लाइव क्लास के अलावा रिकॉर्डेड लेक्चर, मोबाइल ऐप, क्लास नोट्स, मुद्रित अध्ययन सामग्री, प्रश्न बैंक, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और ऑल इंडिया टेस्ट सीरीज जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

स्मार्ट क्लासरूम और AI तकनीक से होगी पढ़ाई

 

योजना के तहत सभी चयनित स्कूलों में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की गई है। इनमें 75 इंच के 4K इंटरैक्टिव डिस्प्ले, कंप्यूटर, वायरलेस माइक्रोफोन, HD वेब कैमरा, स्पीकर और कम से कम तीन घंटे का पावर बैकअप उपलब्ध कराया गया है।

 

AI आधारित लर्निंग एनालिटिक्स और प्रदर्शन ट्रैकिंग के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई में प्रगति पर नजर रखी जाएगी। अभिभावकों को रिपोर्टिंग डैशबोर्ड के जरिए बच्चों के प्रदर्शन की जानकारी देने की व्यवस्था भी परियोजना में शामिल है।

कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यार्थियों की तैयारी, समस्याओं और जरूरतों की समीक्षा के लिए प्रत्येक तीन महीने में फीडबैक सत्र आयोजित किए जाएंगे।

 

जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

 

कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की यह पहल सराहनीय है।

 

लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने इसे युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने उम्मीद जताई कि इस तरह की पहल पूरे प्रदेश में लागू हो सकेगी।

166 पशु सखियों को भी मिले प्रमाण-पत्र

 

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने ए-हेल्प कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 166 पशु सखियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। ये पशु सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय कर टीकाकरण, कृमिनाशक दवा वितरण, पशु बीमा और पशुधन स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में सहयोग करेंगी।

 

इस प्रशिक्षण में आरसेटी, कृषि विज्ञान केंद्र और पशु चिकित्सा विभाग का सहयोग रहा। इससे ग्रामीण पशुपालकों तक पशुधन की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह, नगर निगम अंबिकापुर के सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला पंचायत सीईओ रोमा श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और पशु सखियां उपस्थित रहीं।

 

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