
जांजगीर-चांपा में बच्चों की सुरक्षा और बाल विवाह रोकथाम पर कार्यशाला आयोजित, 4 ग्राम पंचायतों का हुआ सम्मान
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जांजगीर-चांपा, 16 अक्टूबर 2026। जिले में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ और एग्रीकॉन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में बाल संरक्षण, लैंगिक समानता और किशोर सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में बच्चों को सुरक्षित माहौल देने, दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा, सुरक्षित विद्यालय और बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, बाल विवाह रोकने के लिए ग्राम पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने की बात कही गई।
बाल विवाह रोकने में पंचायतों की अहम भूमिका
कार्यशाला में कहा गया कि बाल विवाह मुक्त गांव बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों, युवाओं और समुदाय के लोगों को मिलकर काम करना होगा। किशोरों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
चार ग्राम पंचायतों के सरपंचों का सम्मान
बच्चों की सुरक्षा और बाल विवाह रोकथाम की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायत कोटगढ़, मड़वा, अमोरा और बनारी के सरपंचों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रतिनिधियों और युवोदय स्वयंसेवकों को भी सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।
कार्यशाला में सरपंच-सचिव, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और युवोदय स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।



