
वसुंधरा परियोजना के तहत राजस्व रिकॉर्ड होंगे डिजिटल, घर बैठे मिलेंगी कई सेवाएं
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू करने की तैयारी तेज, 90 दिन की कार्ययोजना पर काम
रायपुर, 17 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में राजस्व से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा काम शुरू हो गया है। वसुंधरा परियोजना के तहत जिला और तहसील स्तर के राजस्व रिकॉर्ड रूम को आधुनिक बनाया जाएगा और पुराने राजस्व दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
इस संबंध में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। मुख्य सचिव विकासशील ने नामांतरण सहित अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता लाने के साथ रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
पहले कुछ जिलों में होगा काम, फिर पूरे प्रदेश में विस्तार
वसुंधरा परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में चयनित जिलों के राजस्व अभिलेखों का पूरा डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसके बाद परियोजना को प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तार दिया जाएगा।
इससे पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से खोजने और उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कौन-कौन से रिकॉर्ड होंगे डिजिटल?
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बताया कि परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैनिंग और डाटा एंट्री की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से—
– अधिकार अभिलेख पंजी
– बंदोबस्त एवं चकबंदी मिसल
– निस्तार पत्रक
– खसरा
– राजस्व न्यायालय के आदेश
– मूल ग्राम नक्शे
– संशोधन पंजी
– वर्ष 2020 से पहले के खसरा पंचशाला अभिलेख
– किश्तबंदी खतौनी
जैसे रिकॉर्ड शामिल हैं।
सेवा सेतु पोर्टल से जुड़ेगा डिजिटल रिकॉर्ड
परियोजना के तहत तैयार होने वाले डिजिटल रिकॉर्ड भंडार को सेवा सेतु पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने, शुल्क जमा करने, प्रमाणित डिजिटल प्रतियां प्राप्त करने और अपने आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा मिल सकेगी।
AI और OCR से पुराने रिकॉर्ड खोजना होगा आसान
राजस्व रिकॉर्ड रूम में रखे पुराने दस्तावेजों को बारकोड आधारित वर्गीकरण और डिजिटल लोकेशन के जरिए व्यवस्थित किया जाएगा।
पुराने और हस्तलिखित दस्तावेजों को आसानी से खोजने के लिए OCR और AI आधारित सर्च सुविधा विकसित करने की भी योजना है। इससे रिकॉर्ड को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के साथ नागरिकों को जरूरी दस्तावेज जल्दी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।



