
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू करने की तैयारी तेज, 90 दिन की कार्ययोजना पर काम
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रायपुर, 17 सितंबर 2026। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 को प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसे लेकर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एक्ट के प्रावधानों के अनुसार चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और समय पर अमल करने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि एक्ट के शेड्यूल-1 में 43 सेवाएं, 9 शासकीय अधिनियम और 8 प्रशासनिक विभाग शामिल किए गए हैं। एक्ट को लागू करने के लिए 27 अगस्त 2026 से 90 दिनों की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
तीन स्तर पर होगी निगरानी
एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तर की निगरानी और समीक्षा व्यवस्था बनाई गई है।
– राज्य स्तर: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स काउंसिल
– कार्यकारी स्तर: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति
– जिला स्तर: कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला सशक्त समिति
मुख्य सचिव ने एक्ट का पहला ड्राफ्ट जल्द तैयार करने और संबंधित विभागों से सुझाव लेने के निर्देश दिए। प्राप्त सुझावों के आधार पर जरूरी संशोधन कर ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने को कहा गया है।
समय पर प्रमाण-पत्र नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
बैठक में डीम्ड अप्रूवल प्रमाण-पत्र के प्रावधान पर भी चर्चा हुई। निर्धारित समय सीमा में प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने वाले मामलों की समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
विलंब होने की स्थिति में नियमों के अनुसार पेनाल्टी लगाने की बात भी कही गई है। मुख्य सचिव ने एक्ट के चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए नोडल विभाग तय करने और जरूरी मानक कार्यप्रणाली (SOP) अधिसूचित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा विभागों की सेवाओं की नियमित समीक्षा और हर तिमाही मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, मुख्यमंत्री के सचिव एवं वाणिज्यिक कर तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



