छत्तीसगढ़ में UCC का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज, कुलपतियों ने जमीनी सर्वे पर दिया जोर

 

रायपुर, 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसे राज्य की परिस्थितियों और लोगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए UCC समिति जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से सुझाव ले रही है।

 

इसी सिलसिले में UCC प्रारूप समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें सेवानिवृत्त IAS अधिकारी एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह के सामने प्रदेश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने सुझाव रखे।

 

बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और भरण-पोषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

 

कानून बनाने से पहले लोगों की राय जरूरी

 

बैठक में कुलपतियों ने कहा कि UCC का मसौदा सिर्फ कानूनी पहलुओं तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे तैयार करते समय समाज की वास्तविक स्थिति और अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को भी समझना जरूरी है।

 

हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU) के कुलपति प्रोफेसर विवेकानंदन ने प्रस्तुति के जरिए UCC को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से मजबूत और न्यायपूर्ण मसौदा तैयार करने के लिए जरूरी कानूनी और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

 

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि UCC के तहत विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान नियम तय करने का उद्देश्य रखा जा सकता है। इसके जरिए सभी नागरिकों को समान अधिकार देने और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

 

सभी जिलों में जमीनी सर्वे का सुझाव

 

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि UCC का मसौदा तैयार करने में समाजशास्त्र, मानवशास्त्र और कानून के विशेषज्ञों तथा शोधकर्ताओं की राय शामिल की जानी चाहिए।

 

उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में जमीनी सर्वे कराने और आम लोगों से सीधे सुझाव लेने पर जोर दिया। उनका कहना था कि इससे तैयार होने वाला कानून छत्तीसगढ़ की वास्तविक परिस्थितियों और लोगों की जरूरतों के ज्यादा करीब होगा।

 

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दयाल ने भी बैठक में अपने सुझाव रखे।

 

सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल करने का भरोसा

 

UCC समिति के सदस्यों ने कुलपतियों और शिक्षाविदों के सुझावों का स्वागत किया। समिति ने कहा कि जन-संवाद, अकादमिक शोध और कानूनी संतुलन को ध्यान में रखते हुए मिले सुझावों को अंतिम मसौदा तैयार करते समय प्राथमिकता दी जाएगी।

 

समिति का उद्देश्य ऐसा UCC मसौदा तैयार करना है, जिसमें कानून के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सामाजिक और जमीनी हालात का भी ध्यान रखा जा सके।

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