
शिवरीनारायण में महानदी की चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
जांजगीर-चांपा, 14 अक्टूबर 2026। माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से महानदी की आरती की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना की।
महाआरती के दौरान महानदी का तट दीपों की रोशनी और वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए।
महानदी छत्तीसगढ़ की आस्था और संस्कृति की पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी केवल पानी का स्रोत नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन से जुड़ी हुई है। महानदी ने सदियों से प्रदेश की धरती को सींचा है और खेती-किसानी सहित लोगों की आजीविका को सहारा दिया है।
उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति हमारी श्रद्धा तभी सार्थक होगी, जब हम उनकी साफ-सफाई और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
जल की हर बूंद बचाना जरूरी
मुख्यमंत्री ने लोगों से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है।” आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने गांवों और शहरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था करने, सोकपिट बनाने, हैंडपंपों के आसपास भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था विकसित करने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश का पानी बहकर बर्बाद होने के बजाय जमीन के भीतर पहुंचे, इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपाय किए जाने चाहिए। तालाब, कुएं और दूसरे परंपरागत जल स्रोत हमारी विरासत हैं। इनका संरक्षण और पुनर्जीवन जरूरी है।
जल संचय अभियान में लोगों की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल संचय-जनभागीदारी अभियान के जरिए देशभर में पानी बचाने और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गांव, शहर और हर परिवार को इस अभियान से जोड़ने की जरूरत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी का अनावश्यक उपयोग न करें, नदियों और तालाबों को गंदा होने से बचाएं और वर्षा जल को अधिक से अधिक सहेजें।
शिवरीनारायण की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी पावन नगरी है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने तथा इसकी महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी महानदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने की अपील की। जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिवरीनारायण को देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु हुए शामिल
चित्रोत्पला गंगा महाआरती में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, नारायण चंदेल, महंत रामसुंदर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



