
बिहान योजना से जुड़कर सविता कश्यप ने संवारी अपनी आजीविका, आचार-पापड़ बनाकर बढ़ाई आमदनी
बिलासपुर, 20 अगस्त 2026। बिल्हा विकासखंड के ग्राम बसहा की रहने वाली सविता कश्यप आज अपनी मेहनत और हुनर के दम पर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले और उन्होंने अपने हुनर को रोजगार का जरिया बना लिया।
सविता कश्यप राधे-राधे महिला स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ एवं सीआईएफ ऋण की सुविधा मिली। इसी आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपना आजीविका कार्य शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में किया।

आचार, पापड़, बड़ी और बिजौरी बनाकर कमा रहीं आमदनी
सविता अब समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर आचार, पापड़, बड़ी और बिजौरी जैसे खाद्य उत्पाद तैयार करती हैं। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार और आसपास के क्षेत्रों में बेचकर उन्हें आमदनी हो रही है।
पहले उनकी गतिविधियां मुख्य रूप से घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, लेकिन अब उन्होंने अपने हुनर को छोटे व्यवसाय का रूप दे दिया है। उत्पादों की गुणवत्ता और मेहनत के चलते उन्हें ग्राहकों से भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

समूह से बढ़ा आत्मविश्वास
सविता का कहना है कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं मिली, बल्कि खुद के पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
समूह की बैठकों और सामूहिक गतिविधियों के जरिए उन्हें नई जानकारी और अनुभव मिलते हैं। अन्य महिलाओं के साथ मिलकर काम करने से उत्पादन, बिक्री और आजीविका गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने का अवसर भी मिल रहा है।
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का माध्यम बना बिहान
बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सविता कश्यप की कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और आर्थिक सहायता मिले तो महिलाएं अपने हुनर के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ गांव में महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी बन सकती हैं।



