बिलासपुर 14 जुलाई 2020।प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 15 संसदीय सचिव बनाये जा रहे है। जिन्हें राज्य मंत्री का दर्जा भी प्राप्त होगा । निगम मंडलो की नियुक्ति के पूर्व आज संसदीय सचिवों की घोषणा की जा रही है। जिसकी ओपचारिक धोषणा शाम 5 बजे की जानी है। जिसमे बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे का नाम कंही नहीं है। बिलासपुर के बीजेपी के 20 वर्षों तक मंत्री रहे कद्दावर नेता अमर अग्रवाल को हराने वाले शहर के विधायक व शिक्षाविद शैलेश पाण्डेय का नाम इस संसदीय सचिव की लिस्ट में न होने से उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा। उनके समर्थको को बडी उम्मीद थी कि शहर में कांग्रेस का 20 साल बाद पुनः परचम लहरने वाले विधायक शैलेश पाण्डेय को संसदीय सचिव में जगह जरूर दी जाएगी व बिलासपुर विधानसभा को और भी ज्यादा मजबूती प्रदान की जाएगी। किन्तु नियुक्ति न होने से उनके समर्थको को बेहद निराशा हुई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा संसदीय सचिव पद के लिए जिन 15 नामों को हरी झंडी दी गई है। उनमें तखतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक रश्मि सिंह का नाम प्रमुखता से शामिल है। जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत के समर्थक होने का फायदा मिला है। वंही स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिहदेव से जुड़े रहने के वावजूद भी बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय को संसदीय सचिव के पद पर जगह नही मिल सकी। और एक बार फिर उन्हें निराशा हाथ लगी है।
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के एक सादे समारोह में आज जिन विधायकों को संसदीय सचिव पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई जा रही हैं। उनमें द्वारिकाधीश यादव, विनोद सेवनलाल चंद्राकर, चन्द्रदेव राय, शकुन्तला साहू, विकास उपाध्याय, अंबिका सिंहदेव, चिंतामणी महाराज, यू.डी. मिंज, पारसनाथ राजवाड़े, इंदरशाह मण्डावी, श्री कुंवर सिंह निषाद, गुरूदयाल सिंह बंजारे, डॉ. रश्मि आशीष सिंह, शिशुपाल सोरी और रेखचंद जैन आदि नाम शामिल है।