
नवा रायपुर में 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी तैयार हो रही, चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ
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रायपुर, 19 सितंबर 2026। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए केवल इलाज ही काफी नहीं है। बीमारी की समय पर पहचान, बेहतर उपचार और मरीज का हौसला बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। मरीज को यह भरोसा मिलना चाहिए कि इस मुश्किल समय में वह अकेला नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश के 200 से अधिक और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

समय पर जांच से इलाज की संभावना बढ़ती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर के मामले में बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान बहुत महत्वपूर्ण है। समय पर जांच होने से मरीज को जल्द उपचार मिल सकता है और इलाज के बेहतर परिणाम की संभावना बढ़ती है।
उन्होंने विशेषज्ञों से कैंसर की जल्द पहचान के लिए नई तकनीक और शोध पर काम करने तथा उपचार को ज्यादा सस्ता और आम लोगों की पहुंच में लाने पर विचार करने की बात कही।
इलाज के खर्च की चिंता कम करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी के दौरान परिवार के सामने इलाज के खर्च की बड़ी चिंता भी रहती है। सरकार की कोशिश है कि पैसे की कमी किसी जरूरतमंद के इलाज में बाधा न बने।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है। वहीं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता दी जा रही है।
स्वस्थ बस्तर अभियान में 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत करीब 34 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। इनमें लगभग 40 हजार लोगों में बीमारी की पहचान होने के बाद उन्हें उपचार से जोड़ा गया है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो और मरीज को समय पर इलाज मिल सके।
नवा रायपुर में बनेगी 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम हो और प्रदेश में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।
कैंसर मरीजों का बनेगा व्यवस्थित डेटाबेस
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर की पहचान और इलाज को बेहतर बनाने के लिए मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और बालको मेडिकल सेंटर के सहयोग से प्रदेश में 500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों के जरिए लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने और समय पर जांच के लिए प्रेरित किया गया।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही कैंसर स्क्रीनिंग का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
देश-विदेश के विशेषज्ञ कर रहे मंथन
कॉन्क्लेव में कैंसर की रोकथाम, शुरुआती जांच, आधुनिक उपचार, शोध और नई तकनीकों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। इस वर्ष स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉन्क्लेव में कैंसर जागरूकता, स्क्रीनिंग और आधुनिक जांच व उपचार तकनीकों से जुड़े स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से यह भी जानकारी ली कि नई तकनीक के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है और इन सुविधाओं को प्रदेश के दूरस्थ इलाकों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।



