Global36garh news : जागरूक होने प्रत्येक महिला को हो कानून व संविधान की जानकारी।भटगांव में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।
भटगांव 26 अक्टूबर 2022 । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं के अधिकारों के सम्बंध में “विधिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम” छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के दिशा निर्देश में महिला सशक्तीकरण हेतु भटगांव में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में विभिन्न विभाग जैसे पुलिस विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन,स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग,स्व सहायता समूह,नगर पंचायत आदि के महिला कर्मचारियों, शा कन्या उ.मा. विद्यालय भटगांव के विद्यार्थियों एवं अभिभाषक संघ भटगांव के श्रीमती पुष्पा गुप्ता नोटरी अधिवक्ता, श्रीमती सुनीता प्रधान शपथ आयुक्त अधिवक्ता , जीवन लाल कुर्रे रिमांड अधिवक्ता एवं कार्यक्रम का संचालन डगेश्वर खटकर प्रतिधारक अधिवक्ता ने किया।

उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के सचिव मयूरा गुप्ता न्यायिक मजिस्ट्रेट के स्वगात शिविर में उपस्थित समस्त विभाग के प्रमुख महिलाओ ने पुष्प गुच्छ से किए। ततपश्चात कार्यक्रम को महिला अधिवक्ताओं द्वारा घरेलू हिंसा एवं भरण पोषण से सम्बंधित महिलाओं के कानूनी अधिकार की जानकारी दी गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट गुप्ता ने महिलाओं से सम्बंधित कानून व अधिकारों के विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि टोनही प्रताड़ना अधिनियम में महिलाओं के साथ पुरूष भी शामिल है। पास्को एक्ट के थाना में FIR की प्रक्रिया से लेकर न्यायालय में न्याय दान की न्यायालयीन प्रोसिडिंग तक की जानकारी को विस्तार से समझाया। देश के 80 प्रतिशत लोग गांव में निवास करते है ,शिक्षा दीक्षा एवं जागरूकता के अभाव में आज भी हमारे समाज मे कई तरह की कुप्रथाएं, रूढ़ि व अंधविश्वास व्यप्त है, ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़-फूंक व जादू-टोना कर लोगों का अहित करती है। इसके नाम पर महिलाओं को प्रताड़ित व अपमानित करना उचित नहीं है।आज के वैज्ञानिक युग में इस तरह की धारण मात्र एक सामाजिक बुराई व अंधविश्वास के अलावा कुछ नहीं है । इसे समाप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 पारित किया गया है। इस अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को टोनही के रूप में चिन्हित किया जाना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जब कोई व्यक्ति स्वयं अथवा अन्य व्यक्ति के माध्यम से पहचान किए गए व्यक्ति को अर्थात टोनही को शारीरिक व मानसिक रुप से प्रताड़ित करेगा या नुकसान पहुंचाएगा उसे 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है। बाल विवाह प्रतिषेद कानून,हिंदू विवाह अधिनियम एवं महिलाओं के लिए हिन्दू कोड बिल में विशेष प्रावधान निहित है।जिसमें महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान है।जिसके संवैधानिक अधिकार के बदौलत महिलाएं आत्मनिर्भर हो पाई है। विधिक जागरूकता शिविर में 150 से अधिक महिलाओं ने लिया हिस्सा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धन, कमजोर व असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता नियुक्त किया जाने का प्रावधान है। शिविर में भटगांव के अधिवक्तागण , लोट्स पब्लिक स्कूल व कॅरियर पॉइंट निजी स्कूल एवं शासकीय स्कूल के शिक्षिका एवं छात्राएं ,पुलिस महिला आरक्षक, मितानिन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता , डॉ संतोष टण्डन , डॉ विजय बंजारे के टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुपरवाइजर परियोजना अध्यक्ष श्रीमती धनेश्वरी भास्कर , सुशिला सहाय, वर्षा बंजारे ,विजयलक्ष्मी सोनवानी , संतरा प्रेमी, हीरमणी वैष्णव सहित समस्त कार्यकर्ता एवं सहायिका नगर पंचायत भटगांव से समस्त विभाग की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।



