बिलासपुर – ग्रीन इंडिया चिटफंड कंपनी के पीड़ितों और निवेशकों के लिए राहत भरी खबर मिल रही है चूंकि इस कंपनी की जमीन बिलासपुर के मोहतराई में स्थित है।इस कंपनी में छत्तीसगढ़ के कई जिलों से पैसे निवेश कराने और इसके एवज में ज्यादा ब्याज देने का प्रलोभन देने वाली चिटफंड कंपनी की जमीन होने का खुलासा हुआ है।कोरिया के एसपी ने बिलासपुर एसडीएम को इसकी जानकारी देते हुए संबंधित आरोपी व्यक्तियों के नाम पर सम्पत्ति बताते हुए इसकी कुर्की के लिए पत्रचार किया है।मामले में कार्यवाही शुरू हो गई है।एसडीएम का कहना है कि जल्द विधिवत आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।इस चिटफंड कंपनी ने कई जिलों के लोगों को ठगा है।इनमें बिलासपुर के लोग भी शामिल है।मामले में पहली एफआईआर चिरमिरी थाने में दर्ज कराई गई है।चिरमिरी जिला कोरिया के रहने वाले बिपिन चंद्र पिता रामचंद्र ने पुलिस को बताया है कि ग्रीन इंडिया मल्टीस्टेट मेंबर्स क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसायटी ने खाता खुलवा कर ज्यादा ब्याज देने के नाम पर पैसे जमा करवाए थे।इसमें सैकड़ों लोग शामिल थे जिनकी रकम 8 करोड़ के करीब थी।कंपनी के कर्ताधर्ता ने सारे पैसे हज़म कर लिया और जांच शुरू हुई।पता लगा कि इनके गिरोह में 15 लोग शामिल हैं।ठगी करने वाले 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है जिनमे डायरेक्टर प्रदीप कुमार सिंह,सुनील कुमार पांडा,बिलासपुर निवासी आशीष जायसवाल,पुलकित आकाश बनवार,धर्मेंद्र सिंह यादव समेत अन्य लोग शामिल हैं।सभी के खिलाफ धारा 420 के तहत दर्ज किया गया है।इस विषय पर बिलासपुर एसडीएम देवेंद्र पटेल ने बताया कि कोरिया जिले से एक पत्र आया है।मैंने ठीक से देखा नहीं है इसलिए मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।नियमों के मुताबिक जो चिटफंड कंपनी है उसके खिलाफ कार्यवाही तय करेंगे।