
वन मंत्री केदार कश्यप ने शिक्षकों को किया सम्मानित, विद्यार्थियों को अनुशासन और संस्कारों का दिया संदेश
नारायणपुर, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर शामिल हुए।

अनुशासन और संस्कार से मिलती है सफलता
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि परिवार बच्चे की पहली पाठशाला है और माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान हमारी संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मोबाइल फोन का उपयोग पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करें तथा इसके गलत इस्तेमाल से बचें। मंत्री ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।
अबूझमाड़ की संस्कृति पर पुस्तक का विमोचन
समारोह में लेखक शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन किया गया।
इस पुस्तक में बस्तर और अबूझमाड़ के लोक जीवन में वनस्पतियों के महत्व और स्थानीय संस्कृति से जुड़े पहलुओं को सामने रखा गया है।
15 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इनमें श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
इसके अलावा विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में इसी तरह समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।



