
दवा खरीद और वितरण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: सीजीएमएससी
रायपुर, 09 जून 2026। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) ने स्पष्ट किया है कि दवा क्रय एवं आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया गुणवत्ता मानकों और दवा विनियामक नियमों के अनुरूप संचालित की जाती है तथा गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही दवाओं का वितरण स्वास्थ्य केंद्रों में किया जाता है।
सीजीएमएससी के अनुसार, फर्म Unicure India Ltd. ने 18 मई 2026 को निगम को सूचित किया कि उसे मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल द्वारा 08 मई 2026 को दवा Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml (100 ml बोतल) के तीन बैच गुणवत्ता परीक्षण में अमानक पाए जाने के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया है।

निगम ने बताया कि उक्त दवा के एक बैच को पहले ही प्रोडक्ट ब्लैकलिस्ट किए जाने के कारण सीजीएमएससी ने निविदा नियमों के तहत इस दवा का दर अनुबंध ब्लॉक कर संबंधित क्रयादेश निरस्त कर दिए थे।
सीजीएमएससी के अनुसार, फर्म द्वारा आपूर्ति की गई दवाओं की जांच निगम की अनुबंधित NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराई गई थी, जहां दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गईं। इसके बाद ही उनका वितरण स्वास्थ्य संस्थानों को किया गया।
फर्म ने यह भी जानकारी दी है कि उसने ब्लैकलिस्टिंग आदेश के खिलाफ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित है। न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीजीएमएससी ने कहा कि ब्लैकलिस्टिंग की सूचना मिलने के बाद संबंधित फर्म को कोई नया दर अनुबंध या नया क्रयादेश जारी नहीं किया गया है। निगम ने दोहराया कि आम जनता को वितरित की जाने वाली सभी दवाओं का पहले निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता परीक्षण किया जाता है और परीक्षण में सफल होने के बाद ही उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जाता है।



