
राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ शैक्षणिक गुणवत्ता और परिणामोन्मुखी शिक्षा पर जोर – मंत्री गजेंद्र यादव
रायपुर, 09 अप्रैल 2026/ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्राचार्यों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और उनके सामाजिक न्याय एवं समानता के योगदान को भी स्मरण किया गया।

बैठक में राज्य के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए। मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी दक्षता, पीटीए बैठकों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सह-शैक्षणिक गतिविधियों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालयों के बेहतर उपयोग और नवाचार आधारित शिक्षण पर भी विचार-विमर्श किया गया। “सेजस” के विजन को प्रस्तुति के माध्यम से बताया गया, जिसमें लाखों विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम और शिक्षकों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन सुधारने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के व्यवहार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय और शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष जोर दिया। साथ ही प्रत्येक प्राचार्य को कम से कम एक कक्षा लेने और प्रत्येक विद्यार्थी पर व्यक्तिगत ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और दीप मंत्र का आयोजन किया जाए तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, योग अभ्यास, गार्डनिंग और हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने पर भी बल दिया गया।
कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान देने, हर माह “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने और विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एआई आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की बात भी कही गई।
बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक के. कुमार, उपसंचालक ए.एन. बंजारा और डीईओ हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर के प्राचार्य उपस्थित रहे।



