शिक्षण शुल्क की वसूली में निजी स्कूलों की मनमानी।।निजी स्कूल हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या करते हुए वसूली जा रही है राशि – याचिका कर्ता छात्रा प्रीति उपाध्याय
बिलासपुर – हाईकोर्ट के आदेश की गलत ब्याख्या करते हुए निजी स्कूलों द्वारा शिक्षण शुल्क के नाम पर कि जा रही मनमानी वसूली को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।जस्टिस पी सैम कोसी कि सिंगल बेंच ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद नोटिस जारी कर राज्य सरकार से छह सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।रायपुर के राजकुमार कॉलेज की छात्रा प्रीति उपाध्याय ने अधिवक्ता पलाश तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत अपनी याचिका कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को अन्य शुल्क की वसूली करने की छूट दी थी।दूसरी ओर याचिका कर्ता छात्रा का कहना है कि जिस निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही हूं,वहां पिछले साल सभी शुल्क मिलाकर 55 हज़ार रुपए जमा किए थे।इस साल निजी स्कूल यह कहते हुए छात्रों से 55 हज़ार रुपए जमा करा रहे हैं कि हमारे यहां केवल शिक्षण शुल्क 60 हज़ार रुपए है।