बीएएमएस पाठ्यक्रम की रिक्त 70 सीटों पर एससी एसटी अभ्यर्थियों को चयन सूची में शामिल नहीं करने पर प्रगति शील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज संघर्ष समिति ने नाराजगी जताई।
रायपुर 15 मई 2021 । प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मोहन बंजारे एवम् प्रदेश महासचिव विजय कुर्रे ने संयुक्त रूप से प्रेस नोट जारी कर भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवम् चिकित्सालय पुलगांव चौक दुर्ग के राज्य कोटे के बीएएमएस पाठ्यक्रम की रिक्त 70 सीटों पर प्रवेश हेतु संचालनालय द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ में जब लॉकडाउन लगा हुआ है ऐसी स्तिथि में दिनाँक 6 मई 2021 को दोपहर 02.00 बजेतक आवेदन मंगाकर संचालनालय आयुर्वेद योग एवम प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी सिद्ध एवम होम्योपैथी आयुष छत्तीसगढ़ द्वारा बीएएमएस पाठयक्रम हेतु चयन सूची जारी की गई हैं इस प्राविण्य सूची में शासन द्वारा नियमानुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों को भी प्रवेश हेतु सूची में शामिल किया जाना था, लेकिन 23 आदिवासियो एवम 7 अनुसूचित जाति के सीटों पर अन्य वर्ग के अभ्यार्थियों को आबंटित कर दिया गया है। जिसका कड़े शब्दों में जिसके कारण एक भी अनुसूचित जाति एवम अनुसूचित जनजाति का चयन नही हुआ है। सूची देखकर ऐसा प्रतीत होता हैं कि संचालनालय द्वारा जानबूझकर आनन – फानन में बिना प्रत्याशियो को सूचना दिए जारी किया गया है। ज्ञात हो कि आदिवासी समाज सुदूर गांव – जंगलों में निवास करते है, ऐसी स्तिथि में 24 घंटे में केवल 1 दिन के समय में प्रत्याशियो का इस प्रक्रिया में सम्मिलित हो पाना नामुमकिन हैं। यदि यहीं स्तिथि रहा तो अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए भारत के संविधान में उल्लेखित अवसर की समता की बात बेईमानी लगती है। पूरी चयन प्रक्रिया की जांच हो! उक्त सूची को तत्काल निरस्त किया जाए? जिसमे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अभ्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही ऐसे महाविद्यालयों की पूरी फीस सरकार वहन करे। जिसमे गरीब अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बीएएमएस में अध्ययन करने के इच्छुक छात्र – छात्राएं शिक्षा से वंचित न हो सके। इस काउंसलिंग में एससी / एसटी के छात्र – छात्राएं जरूर हिस्सा लिए होंगे जिन्हें साजिश के तहत चयन नहीं किया गया है। कृपया आप सब से निवेदन है कि हमारे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र – छात्राएं हमे इस नंबर पर 9009450206 अवगत करिए। जिससे हम अपने हितों की लड़ाई लड़ सके।