मनमोहक दृश्य: यात्रा वृतांत_ दक्छिन राज के पुरखौति ल गुने पहुंचिस जांजगीर स्काउट के हाइकर्स

दक्छिन राज के पुरखौति ल गुने पहुंचिस जांजगीर स्काउट के हाइकर्स में हर जिला संगठन आयुक्त गाइड जांजगीर चाम्पा सुमन लता यादव,अउ हमर संगी मन म परमेश्वर स्वर्णकार,राम बाई स्वर्णकार,उमा महोबिया,राजेन्द्र कश्यप,अरुणा मिरी, लक्ष्मण प्रसाद मिरी,अनिल सिदार,मनोज कंवर सब्बो बिलासपुर पहुचेंन।

सब ले पहिली बिलासपुर ले हरा झंडी देखा के ए जिला के नव स्काउटर/गाइडर ल जिला के जिला मुख्य आयुक्त जितेंद्र तिवारी,पदेन जिला आयुक्त अउ डी ई ओ सर एच आर सोम,जिला संगठन आयुक्त मोहन कौशिक मन रवाना करीन।तेईस घण्टा म हम सब्बो हाइकर्स मन 5 नवम्बर के चेन्नई पहुचेन। उन्हां स्टेशन पहुचे के बाद राज्य ले हमन बर बस के ब्यवस्था रहीस जेमा बइठ के हमन महाबलीपुरम अउ बीच जाए बर रवाना होएन ओखर बाद बीच के 50 मीटर दुरिहा म सब्बो झन लहरा के मजा लेहेन समुंदर के लहरा ले मन ह बहुत तृप्त हो गीसअउ प्राकृतिक दृश्य ल देखे के बाद चाय नाश्ता करके पंचरथ मंदिर दर्शन करे बर आघु बढेंन उन्हां के पथना के छीलाई ले बने मंदिर हाथी के बने नक्काशी ल देखे के बाद दिसम्बर के महीना म कच्चा आमा कलिंदर चानी,के घलो मज़ा लेहेन सँगे संग नारियल पानी भी पियेनओखर बाद खाना खाएं बर अपन विश्रामगृह म पहुचेन तेखर ले संतुलन पथना ल देखे बर निकलगेहेन ओतके ढलाउ म बड़का भारी पथना ह कइसे माढ़े हावे ओहु ल देखेन तेखर बाद ले वेलंकन्नी जाए बर बस म बइठ के रवाना हो गेहेन फेर पांडिचेरी होवत पन्नममंगलम म रुक के रतिहा के खाना खा के आघु निकलेंन।बिहन्ना 6 बजे उठेंन अउ बालूशाही संग पोहा के नाश्ता मिलिस फेर वेलंकन्नी के यूनिंग स्टार चर्च ,मॉर्निंग स्टार चर्च ,प्रभुइशु के आशीष के जल ल पी के समुद्र तट घूम के मझनिहा के खाना खा के बस ले रामेश्वरम जाए बर रवाना हो गेन। रामेश्वरम 10 बजे रात पहुचे के बाद विश्राम अउ भोजन होइस। ओखर बाद7 तारीख 5 बजे बिहनिहा समुद्र स्नान बर गेहेन तेखर बाद म 22 कुंड के पानी म स्नान करके रामेश्वरम मंदिर म शिव जी के दर्शन ले मन ह खुश हो गिस। अपन विश्राम स्थल म पहुँच के सबो झन चाय नाश्ता करेन तेखर ले फेर रामझरोखा दर्शन राम जी के चरण पादुका दर्शन ,फेर धनुष्कोडी पहुचेंन इहाँ ले श्रीलंका24 किलोमीटर म हावे।उहाँ ले कोधान्डा रमण मंदिर गेहेन जिहां विभीषन के राज तिलक होए रहीस।तेखर ले ए पी जे अब्दुल कलाम गृह सह संग्रहालय अउ मॉल गेहेन उहाँ के गोंदली समोसा अउ चाय के मजा घलो लेहेन ।फेर लक्ष्मण मंदिर अउ नागनादर मंदिर मंदिर म प्रवेश कर दर्शन करें। तेखर ले मंझनिया के खाना ऊहे के बस स्टैंड म सब्बो झन मिल बहांट के खाएं।

 

ओखर बाद मदुरई जाए बर निकलेंन मदुरई पहुँच के लक्ष्मी होटल म रुके के ब्यवस्था रहीस ऊहे रुकेंन अउ खाना खाएँन फेर बिहनिया के 4 बजे उठ के तमिलनाडु के मीनाक्षी मंदिर दर्शन बर निकलेंन। ए मंदिर हर 14 एकड़ जमीन म फईले हावे ।ए मंदिर म पथना के 1000स्तम्भ बने हावे।उहाँ मिनाक्षी देवी के दर्शन अउ सुदेश्वर लिंग दर्शन करके मन ल बहुत शांति मिलिस। ए मंदिर ह मुख्य रूप ले पार्वती ल समर्पित हावे।इन्हां पार्वती देवी अउ सुंदरेश्वर(शिव) जी दुनो के एक संग पूजा होथे।उहाँ के पथना के नक्कासी अड़बड़ सुग्घर लागिस। इन्हां 14 ठिन प्रवेश द्वार ,स्वर्ण टॉवर पवित्र गर्भगृह शामिल हावे।उहाँ परसाद म मूंग दार के लाडू मिलिस सँगे संग केरा के पान म बोबरा लेहेन।फेर नाश्ता उहें होटल म उपमा के होइस फेर अपन बस म चढ़ के कोडाइकेनाल जाए बर निकलेंन।

मस्त प्रकृति के गोद म बईठ के दोपहर के भोजन पुड़ी सब्जी खाये म अड़बड़ मज़ा आईस।फेर अपन हाईक म आघु निकलेंन त सिल्वर कासकेट पार्क म झरना ल देखेंन तहां ले अउ आघु बढेंन अपर लैक व्यू म बोटिंग, साइकलिंग, घुड़सवारी करेन अउ किसिम किसिम के चॉकलेट के स्वाद लेहेन संग म चाय भी पीएन इन्हां के मौसम अड़बड़ ठंडा रहीस, ऊपर पहाड़ी म सबब्बो झन के कान ह कइसे हो गे रहीस। उन्हा पानी भी गिरत रहीस।वापस बईठ के मदुरई म होटल म रतिहा के खाना खा के सुतेन। तहां बिहन्ने ले उठ के चाय नाश्ता करके कन्याकुमारी के यात्रा बर निकलेंन।

कन्याकुमारी हिंदमहासागर, बंगाल के खाड़ीअउ अरब सागर के संगम स्थल हावे। माने जाथे 51 शक्तिपीठ म एक कन्याकुमारी घलो हावे।इन्हां पुरातन मंदिर हावे।इंहा विवेकानंद स्मृति,कुमारी अम्मा मंदिर, पानी के जहाज जहाज म बईठ के गेहेन।गाँधीमण्डपम,सूर्यास्त दर्शन करके ऊहे के मार्केटिंग करेन। कन्याकुमारी म गरम मसाला, काजू किशमिश, शंख ह बड़ सस्ता रहीस।रात्रि विश्राम के बाद बिहनिया बेरा सूर्योदय दर्शन बर त्रिवेनिसँगम म गेहेन। फेर कन्याकुमारी म नाश्ता करके त्रिवेंद्रम केरल जाए बर प्रस्थान करेन।

केरल पहुँचे के बाद बोटिंग करेन अउ पूवरगोल्ड बिच घूमेंन नारियल पानी अउ अन्नानास खाये के मजा घलो लेहेन।बोटिंग के मजा लेहे के बाद पद्मनाभ मंदिर दर्शन करे बर निकलेन। रतिहा म स्टेशन पहुँच के खाना खाएंन।ऑटो ले मंदिर दर्शनकरे बर निकलेंन मंदिर दर्शन करके विश्रामगृह म रूक के 3:30 बजे बिहनिहा स्टेशन आएंन अउ साप्ताहिक रेलगाड़ी त्रिवन्तपुरम ले बिलासपुर म बईठ के42 घण्टा के सफर करके अपन अपन घर वापिस आएन। आन देश के सभ्यता संस्कृति सबे ल देखे के मौके मिलिस। हमर पुरातत्वविद धरोहर ल देखे अउ जाने के मौका घलो मिलिस।ए सब्बो ले हमर ज्ञान घलो बाढिस।धन्यवाद हे हमर जिला शिक्षा अधिकारी सोम सर जी के जेन ह हमन ल अतका बडिहा हाईक प्रोग्राम म शामिल होए के मौका हम सब ल दीन।

सुमन लता यादव

(व्यख्याता)

जिला संगठन आयुक्त

जांजगीर चाम्पा छ ग

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