साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सावधान, OTP और बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें

 

रायपुर, 3 सितंबर 2026। इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक और सतर्क रहना बहुत जरूरी है। यह बात कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यशाला में कही।

 

छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से विश्वविद्यालय में ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों और युवाओं को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए।

 

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक अभियान

 

छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से साइबर अपराधों को रोकने के लिए 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक छह सप्ताह का ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है।

 

इस अभियान के जरिए विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बैंक खाताधारकों को साइबर ठगी के तरीकों और उससे बचाव की जानकारी दी जा रही है।

 

चार साल में 12 गुना बढ़े साइबर अपराध

 

रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि पिछले चार वर्षों में देश में साइबर अपराधों के मामले करीब 12 गुना बढ़े हैं। वहीं साइबर ठगी में जाने वाली रकम में करीब 40 गुना वृद्धि हुई है।

 

उन्होंने बताया कि देश में रोजाना करीब 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है। साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए लोगों को किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।

 

OTP, पासवर्ड और ATM PIN किसी को न दें

 

पुलिस ने लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बताईं।

 

– अपना OTP, ATM PIN, पासवर्ड और बैंक खाते की जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।

– अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

– फर्जी नौकरी और निवेश के ऑफर से सावधान रहें।

– डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों के झांसे में न आएं।

– सोशल मीडिया पर मिलने वाले लालच या धमकी वाले मैसेज पर भरोसा न करें।

– बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को बिना जांचे कोई जानकारी न दें।

 

ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें

 

अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन या बैंकिंग ठगी हो जाती है, तो बिना देर किए 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।

 

लोग cybercrime.gov.in पर भी साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

 

कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रोफेसर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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