
छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्रों को मिलेगा बढ़ावा, कोरबा से बिलासपुर तक बनेंगे प्रशिक्षण केंद्र
रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्र यानी ऐसे कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद, जिनका इस्तेमाल खेती, स्वास्थ्य, निर्माण, सुरक्षा और दूसरे तकनीकी कामों में होता है, उन्हें बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए महानदी भवन, नवा रायपुर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में अनुसंधान, नई तकनीक, उद्योग और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ाने पर चर्चा की गई।
तकनीकी संस्थानों और उद्योगों का होगा सीधा जुड़ाव
मुख्य सचिव ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योगों को एक साथ जोड़ने के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल सम्मेलन और कॉन्क्लेव आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसमें तकनीकी वस्त्रों के इस्तेमाल, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन की योजनाओं और उद्योगों की जरूरतों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देना है।
शुरुआत में प्रत्येक तकनीकी संस्थान से 10-10 विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिलाने की योजना पर काम किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक काम का अनुभव मिलेगा और उद्योगों को प्रशिक्षित युवा मिल सकेंगे।
चार जिलों में विकसित होंगे वस्त्र प्रशिक्षण केंद्र
हथकरघा और वस्त्र गतिविधियों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को चरणबद्ध तरीके से वस्त्र प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम होगा।
पहले चरण में कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर के संस्थानों को स्थानीय वस्त्र उद्योगों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
खेती से स्वास्थ्य तक नई तकनीक पर रिसर्च
राज्य के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को तकनीकी वस्त्रों से जुड़े नए उत्पाद और तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसमें कृषि, अधोसंरचना, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण, पैकेजिंग और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी जरूरतों के लिए नए समाधान तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
परियोजनाओं की निगरानी के लिए बनेगी टीम
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई बनाई जाएगी। यह इकाई तकनीकी संस्थानों और उद्योगों से परियोजनाओं के प्रस्ताव लेकर उन्हें मिशन के नियमों के अनुसार तैयार कराने में मदद करेगी।
इसके बाद परियोजनाओं को भारत सरकार से मंजूरी के लिए भेजने और स्वीकृत परियोजनाओं को लागू कराने में भी यह इकाई सहयोग करेगी।
जब तक परियोजना प्रबंधन इकाई का गठन नहीं होता, तब तक ग्रामोद्योग विभाग में राज्य स्तर पर समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
बैठक में उद्योग विभाग, तकनीकी शिक्षा संचालनालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, एनआईएफटी रायपुर और हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।



