बोरे बासी छत्तीसगढ़ में सिर्फ आहार नही बल्कि लोक व्यवहार है-कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा

 

रायगढ़ l सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में जनचौपाल का आयोजन होता है। इस बार का जनचौपाल 01 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर लगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर इस दिन को श्रम और श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने बोरे बासी डे के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में बोरे बासी का यह तिहार कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने जनचौपाल में पहुंचे श्रमिकों के साथ उनके बीच बैठ बोरे बासी खाकर मनाया।

 

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने इस मौके पर कहा यह श्रम को सम्मान देने श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रयास है। गांवों में मजदूर जब खेतों में काम करने जाते हैं तो पोषक तत्वों से भरपूर बोरे बासी खाकर जाते हैं। जिससे उन्हें दिनभर काम करने की ऊर्जा और गर्मी को सहने की शक्ति मिलती है। खेतों में काम कर रहे श्रमिक दोपहर में साथ बैठकर बोरे बासी खाते हैं और अपने दु:ख सुख बांटते हैं। छत्तीसगढ़ के खान-पान की संस्कृति का अभिन्न अंग बोरे बासी सिर्फ एक आहार नही है बल्कि यह लोक व्यवहार भी है। उन्होंने सभी को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

 

इस मौके पर डिप्टी कलेक्टर शिव कंवर, एसडीएम रायगढ़ गगन शर्मा, तहसीलदार रायगढ़ लोमस मिरी, नायब तहसीलदार तृप्ति चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

 

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