Global36garh news : विधायक की दबंगई।

 

बलौद बाज़ार // बलौदा बाजार जिले में अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी हैं, और रेत घाट की संचालन की बात करे तो इसका संचालन कोई और नहीं बल्कि प्रदेश के ही बड़े राजनेता का ही हाथ होता है, और जब रेत खनन पर कार्यवाही की बात आती है तब कार्यवाही किसी बड़े नेता या जनप्रतिनिधि पर नहीं बल्कि कार्यवाही करने गए अधिकारियों पर ही हो जाती है। ताजा मामला बलौदा बाजार जिले के पलारी का है जहां पलारी तहसीलदार नीलमणि दुबे द्वारा बिना रायलटी के अवैध रेत ला रहे वाहनों पर कार्यवाही करते है। तो उनका तबादला कर दिया जाता हैं । इतना ही नहीं यह अवैध रेत खनन का खेल सत्ता सरकार पर बैठे नेताओं द्वारा ही की जाती है जिसके चलते इसका खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ता है।

 

 

 

 

बता दे की कल ही अवैध रेत परिवहन पर तहसीलदार ने चालानी कार्रवाई की थी जिस पर क्षेत्रीय विधायक ने तहसील ऑफिस जाकर तहसीलदार को कार्यवाही न करने और 3 घंटे में ट्रांसफर करने की धमकी दी, जिसके कारण तहसीलदार नीलमणि दुबे का तबादला जिला निर्वाचन कार्यालय रायपुर कर दिया गया। इसके बाद से ही शासकीय कार्य में राजनीतिक दबाव की बात को लेकर तहसील ऑफिस के समस्त अधिकारियों कर्मचारी एक दिवस की अवकाश लेकर कामकाज ठप कर दिया है साथ ही वकील संघ द्वारा भी इसका समर्थन कर एक दिन के काम बंद किया।

 

वही तहसीलदार ने बताया कि उनके द्वारा ग्राम मोहान में नदी के बहाओ के कारण किसानों की जमीन का क्षरण होने वाले मामले के निरीक्षण में गए हुए थे, वही वापसी के दौरान रास्ते पर एक रेत से भरी हाइवा दिखी, जब हाइवा की रॉयल्टी की जांच की गई तो उसमे परिवहन हो रहे रेत अवैध पाया गया, जिस पर तहसीलदार द्वारा तुरंत कार्यवाही कर हाइवा को पंचनामा कर हाइवा को माइनिंग विभाग सुपुर्द कर दिया गया।। जिसके बाद विधायक सकुंतला साहू तहसील कार्यालय में पहुंच 3 घंटे के भीतर तबादला करने की बात कही और 3घंटे के भीतर तहसीलदार का तबादला भी कर दिया गया।। जिसके विरोध में आज पलारी तहसील के तहसीलदार समेत तहसील के तमाम अधिकारी कर्मचारी बाबू कोटवार समेत अधिवक्ता संघ भी एक दिवसीय अवकाश लेकर तबादले के विरोध किया है ।

 

वही इस पूरे मामले पर जब संसदीय सचिव एवं कसडोल विधायक शकुंतला साहू से पत्रकारों ने सवाल पूछा तो वे भड़क गई और और उल्टे पत्रकारों से ही भिड़ती नजर आयी इस का जवाब देने से बचते हुए निकलते बनी ।

 

ऐसे में सवाल लाजमी है कि सत्ते के नशे में चूर संसदीय सचिव न केवल क्षेत्र में धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन कर रहे माफियाओं को खुले आम संरक्षण दे रहे है साथ कार्यवाही कर रहे ईमानदार अधिकारियों पर कार्यवाही करवा कर माफियाओ के हौसले बुलंद कर रहे है ।।बरहाल इस मामले की पूरे क्षेत्र में आम जन के बीच आलोचना का माहौल है ।।

 

 

 

नीलमणि दुबे ( तहसीलदार)

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